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चुनाव आयोग के खिलाफ TMC की 'सुप्रीम' जंग, कल SC में होगी अहम सुनवाई

तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना कर्मियों में केंद्रीय कर्मचारियों की अनिवार्यता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का रुख किया है. पार्टी ने निष्पक्षता पर सवाल उठाए, जबकि अदालत में जल्द सुनवाई तय हुई है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. पार्टी ने निर्वाचन आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मतगणना के दौरान केंद्रीय सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है. इस मामले पर विशेष पीठ शनिवार को सुनवाई करेगी, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मतगणना में केवल केंद्रीय कर्मचारियों को शामिल करने का निर्देश असामान्य है. पार्टी का कहना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है. उनका तर्क है कि यह व्यवस्था अन्य राज्यों से अलग है और इसे लागू करने का स्पष्ट आधार नहीं दिया गया.

ममता बनर्जी ने उठाए सवाल

ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती एक खास तरीके से की जा रही है, जिससे उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उनके बयान से पहले ही तनावपूर्ण माहौल और ज्यादा गरम हो गया.

हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

इस मामले को पहले कोलकाता हाई कोर्ट में उठाया गया था, जहां याचिका को खारिज कर दिया गया. अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार केंद्रीय और राज्य दोनों सेवाओं से कर्मचारियों की नियुक्ति संभव है. अदालत ने यह भी माना कि चुनाव अधिकारियों के पास चयन का अधिकार है.

निष्पक्षता पर बहस और आरोप-प्रत्यारोप

तृणमूल कांग्रेस ने अपने पक्ष में कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों पर राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है. वहीं विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. उनका कहना है कि सख्त सुरक्षा और निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

चुनावी माहौल में बढ़ता तनाव

मतदान के दूसरे चरण के दौरान कई जगहों पर झड़पें भी सामने आई हैं. सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठे हैं. इस बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की सख्त चेतावनी और एक कथित घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया. अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.