नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रण में आज प्रचार का शोर थमने वाला है. वही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर 24 परगना के जगतदल में अपनी अंतिम चुनावी रैली के माध्यम से बंगाल की जनता को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने का प्रयास किया. पीएम मोदी ने न केवल भाजपा की जीत का शंखनाद किया, बल्कि बंगाल के भविष्य को पूरे पूर्वी भारत के आर्थिक और सामाजिक उत्थान की धुरी के रूप में पेश कर जनता में उत्साह भर दिया.
जगतदल की भूमि से प्रधानमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि इस बार बंगाल की सेवा करना उनकी किस्मत में लिखा है. उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ घोषणा की कि भाजपा इस चुनाव में अभूतपूर्व जीत हासिल करने जा रही है. मोदी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की सुरक्षा और यहां के निवासियों का विकास अब उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है. उन्होंने जनता को वचन दिया कि वे इस उत्तरदायित्व से कभी पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि बंगाल की प्रगति में ही पूरे भारत का हित निहित है.
प्रधानमंत्री ने अपने विजन को विस्तार देते हुए कहा कि यह चुनाव केवल एक राज्य का भाग्य नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत की नियति तय करेगा. उन्होंने बिहार (अंगा), बंगाल (बंगा) और ओडिशा (कलिंगा) को देश की समृद्धि के तीन मुख्य खंभे बताया. उनका तर्क था कि यदि इनमें से एक भी राज्य कमजोर पड़ता है, तो इसका असर पूरे देश की शक्ति पर पड़ेगा. इसलिए बंगाल को एक सशक्त और विकासोन्मुख सरकार की अत्यंत आवश्यकता है जो देश को मजबूती दे सके.
बंगाल में बेरोजगारी की विकराल समस्या को संबोधित करते हुए मोदी ने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनते ही यहां 'मेक इन इंडिया' का विशाल प्रोजेक्ट लगाया जाएगा. उन्होंने पलायन की पीड़ा पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां की फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, जिससे युवा बाहर जाने को मजबूर हैं. मोदी ने जनता से अपील की कि भाजपा का मुख्यमंत्री चुनें, ताकि दिल्ली और कोलकाता मिलकर बंगाल के युवाओं को रोजगार के अवसर और बेहतर भविष्य प्रदान कर सकें.
रैली में टीएमसी पर सीधा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ममता सरकार के पास बंगाल के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेता केवल अपनी उन्नति में लगे हैं और उनके पास राज्य के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है. मोदी ने जनता को आगाह किया कि टीएमसी को एक और मौका देना राज्य को विनाश की ओर ले जाने जैसा होगा. उन्होंने कहा कि टीएमसी सुरक्षा और सुशासन के हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है.
अपनी आखिरी रैली का समापन करते हुए मोदी ने जनता के बीच दिख रहे उत्साह को जीत का प्रमाण बताया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जनसमर्थन का यह ज्वार उन्हें यकीन दिला रहा है कि 4 मई के बाद वे फिर से बंगाल लौटेंगे. प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि वे बंगाल की नई भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जल्द ही यहां वापस आएंगे.