पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के उन अनुमानों को खारिज कर दिया है, जिनमें बीजेपी को बढ़त दिखाई गई थी. उन्होंने कहा कि ये आंकड़े वास्तविकता से दूर हैं और जनता के मूड को सही तरीके से नहीं दिखाते. उनके मुताबिक यह सिर्फ एक नैरेटिव बनाने की कोशिश है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया जा सके. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टीएमसी इस बार बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है.
ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि उनकी पार्टी 226 सीटों का आंकड़ा पार करेगी, उन्होंने इसे “आरामदायक जीत” बताया और कहा कि विपक्षी दल इस लहर को रोक नहीं पाएंगे. यह बयान ऐसे समय में आया है जब ज्यादातर एग्जिट पोल बीजेपी को बढ़त देते दिख रहे हैं. इससे साफ है कि टीएमसी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है.
ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि वे मतगणना केंद्रों पर लगातार नजर बनाए रखें. उन्होंने निर्देश दिया कि दिन में कार्यकर्ता ड्यूटी करें और रात में वरिष्ठ नेता खुद निगरानी संभालें। उन्होंने कहा कि कोई भी ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए और हर स्थिति पर नजर रखी जाए. यह अपील चुनाव परिणाम से पहले सतर्कता बढ़ाने का संकेत है.
मुख्यमंत्री ने ईवीएम मशीनों को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना से पहले मशीनों के साथ छेड़छाड़ की साजिश हो सकती है. खासकर जब ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम से काउंटिंग हॉल तक ले जाया जाता है, उस दौरान खतरा ज्यादा होता है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस समय विशेष सतर्कता बरतें और हर गतिविधि पर नजर रखें.
ममता बनर्जी ने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं. उन्होंने कहा कि 2016 और 2021 में भी ऐसे ही अनुमान लगाए गए थे, लेकिन नतीजे बिल्कुल अलग आए। उनके मुताबिक इस बार भी वही स्थिति दोहराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन पूरी तरह टीएमसी के साथ है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान एक खास राजनीतिक नैरेटिव को आगे बढ़ा रहे हैं. उनके अनुसार यह एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे जनता के बीच भ्रम पैदा किया जा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे इनपुट मिले हैं कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इस बयान ने मीडिया और राजनीति के रिश्ते पर भी नई बहस छेड़ दी है.
ममता बनर्जी ने भारी संख्या में मतदान करने के लिए जनता का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि कठिन मौसम के बावजूद लोगों ने लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लिया. उन्होंने इसे जनता की जागरूकता और लोकतंत्र के प्रति विश्वास का प्रतीक बताया. इससे यह भी संकेत मिलता है कि इस बार का चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है.
उन्होंने केंद्रीय बलों और पुलिस पर भी कुछ इलाकों में ज्यादती के आरोप लगाए. उनके अनुसार कुछ जगहों पर मतदाताओं को डराने की कोशिश की गई. हालांकि, उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद जनता ने हिम्मत नहीं हारी और बड़ी संख्या में वोट डाला. इससे चुनाव का महत्व और भी बढ़ गया है।
पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर है. एग्जिट पोल अलग-अलग नतीजे दिखा रहे हैं, जिससे स्थिति और दिलचस्प हो गई है. दोनों पक्ष अपनी जीत के दावे कर रहे हैं.
मतदान खत्म होने के बाद अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर है. ममता बनर्जी ने भरोसा जताया कि जनता का फैसला उनके पक्ष में जाएगा. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और अंत तक सतर्क रहने की अपील की. अब देखना होगा कि एग्जिट पोल सही साबित होते हैं या फिर ममता का दावा हकीकत बनता है.