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महाकाली से टैगोर तक...पश्चिम बंगाल में शपथ मंच ने खींचा सबका ध्यान; 'पोरिबर्तन' की झांकी में दिखी संस्कृति की चमक

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पहली बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण के लिए भव्य मंच तैयार किया गया है, जिसमें बंगाल की संस्कृति और राजनीतिक बदलाव की झलक दिख रही है.

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Km Jaya

कोलकाता: कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड, पश्चिम बंगाल की राजधानी में स्थित इस स्थान को लंबे समय से बंगाली संस्कृति का हृदय माना जाता रहा है. इस जगह से दिखाई देने वाला प्रतिष्ठित विक्टोरिया मेमोरियल का मनमोहक दृश्य एक ऐसी सुंदरता जिसने अनगिनत चित्रकारों को इसे अपने कैनवस पर उतारने के लिए प्रेरित किया है. 

इसकी शोभा और बढ़ा देता है. कभी ब्रिटिश सैन्य अभियानों का रणनीतिक केंद्र रहा यह मैदान बाद के युगों में राजनीति के बदलते ज्वार का गवाह बन गया है. इसी मैदान पर शेख मुजीबुर्रहमान ने एक बार एक ऐतिहासिक भाषण दिया था.

क्या है इस ग्राउंड का इतिहास?

यह वही ब्रिगेड ग्राउंड है जो कभी वामपंथी राजनीति की जबरदस्त शक्ति का प्रतीक था. जहां एक समय यह कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जन आंदोलनों का स्थल था, वहीं बाद में ममता बनर्जी ने इसी मैदान का उपयोग अपने राजनीतिक विरोधियों को चुनौती देने और TMC के लिए शक्ति प्रदर्शन का भव्य आयोजन करने के लिए किया. हालांकि आज यहां का परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है.


कैसे तैयार किया गया है मंच?

ब्रिगेड परेड ग्राउंड अब बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय शुरू कर रहा है. जैसे ही यहां BJP सरकार सत्ता संभालने के लिए तैयार है. एक ऐसा आयोजन जिसे पूरे बंगाल में 'पोरिबर्तन' यानी बदलाव के आगमन के रूप में देखा जा रहा है. शपथ ग्रहण मंच को ही इस बदलाव की एक दृश्य झांकी के रूप में डिजाइन किया गया है. 

कभी ब्रिटिश सैन्य परेडों का मुख्य केंद्र रहा यह मैदान अब पश्चिम बंगाल की पहली BJP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने के लिए तैयार है, जहां मंच को मां, माटी, मानुष यानी मां, धरती और लोग की प्रतिष्ठित छवियों से सजाया गया है.

कैसी की गई है सजावट?

एक तरफ रवींद्रनाथ टैगोर का चित्र लगा है. इसके दोनों ओर देवी महाकाली का अष्टभुजी स्वरूप और दक्षिणेश्वर मंदिर की एक प्रतिकृति है. जो ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है. स्टेज के चारों ओर बना मंदिर जैसा मेहराब भी एक सचमुच शानदार नजारा पेश करता है. स्टेज के ठीक सामने, कमल के फूल के आकार की एक बड़ी रंगोली इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है.

इस कार्यक्रम के लिए की गई बारीकी से की गई तैयारियां इसकी भव्यता का जीता-जागता सबूत हैं. मैदान को टेराकोटा कला, दक्षिणेश्वर काली मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित सजावट और सुंदरबन की थीम पर बनी संरचनाओं से सजाया गया है.