'बटन के साथ छेड़-छाड़ की पुष्टि पर, दोबारा होगी वोटिंग', फाल्टा में BJP के मांगों पर बोले मुख्य निर्वाचन अधिकारी

पश्चिम बंगाल में हो रहे दूसरे चरण मतदान के बीच फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को लेकर काफी बवाल मचा है. बीजेपी द्वारा किए जा रहे शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आई है.

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Shanu Sharma

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान बुधवार को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में काफी बवाल देखने को मिला. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि कई मतदान केंद्रों पर उसके चुनाव चिह्न वाले बटन को टेप से ढक दिया गया, जिसकी वजह से मतदाता अपने वोट नहीं डाल पाएं. पार्टी की ओर से प्रभावित बूथों पर तुरंत दोबारा मतदान कराने की मांग की गई है.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ वीडियो साझा किए. इन वीडियो में फाल्टा क्षेत्र के विभिन्न बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के तीसरे बटन पर टेप लगे होने का दावा किया गया है, जो भाजपा के कमल चिह्न से जुड़ा माना जा रहा है.

अमित मालवीय ने शेयर किया पोस्ट

मालवीय ने हरिंदंगा हाई स्कूल समेत अन्य बूथों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं कई जगहों पर हुई हैं. उनके अनुसार, यह जानबूझकर किया गया कदम है, जिससे मतदाताओं को अपनी पसंद के अनुसार वोट डालने में बाधा पहुंची है. भाजपा ने इसे डायमंड हार्बर मॉडल करार दिया है और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है.

दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र को इस चुनाव में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यहां भाजपा के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा का मुकाबला टीएमसी के जहांगीर खान से है. पांडा ने खुद कुछ बूथों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. वहीं टीएमसी की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या कहा?

भाजपा ने औपचारिक रूप से उन सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है, जहां टेप लगाने की घटना सामने आई है. पार्टी का कहना है कि मतदान की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है. इस मामले पर पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ कहा कि यदि किसी बटन को टेप से ढकने की कोई रिपोर्ट आती है, तो उसकी पुष्टि की जानी चाहिए और उसे रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना चाहिए. अगर यह बात सही पाई जाती है, तो उन बूथों पर दोबारा मतदान कराई जाएगी.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हो रहा है. इन क्षेत्रों में तीन करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. दूसरे चरण मतदान के दौरान अभी तक 61 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हो चुकी है.