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तमिलनाडु की दो सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी को मिली करारी हार, TVK ने कैसे तय किया विजयपथ?

तमिलनाडु में फिल्नी दुनिया से आए एक्टर विजय की पार्टी TVK को जीत मिली है. इसी के साथ पहली बार राज्य की दो सबसे बड़ी पार्टियां DMK और AIADMK को हार का सामना करना पड़ा. आखिर ऐसा हुआ कैसे इसे समझना जरूरी है.

ANI
Shanu Sharma

तमिलनाडु समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे जारी कर दिए गए हैं. इन नतीजों में ऐसे कई रिकॉर्ड बनें, जिसे पहले सोचना भी मुश्किल था. सबसे अलग रिकॉर्ड तमिलनाडु में बना. जहां एक्टर विजय थलापति को जनता का जोरदार समर्थन मिला. इसके बदलौत विजय ने राज्य के दो सबसे बड़ी पार्टी DMK और AIADMK को भी हरा दिया.

तमिलनाडु के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी नई पार्टी ने राज्य के दो सबसे बड़ी पार्टियों को करारी शिकस्त दी. लेकिन यह सोचने वाली बात है कि कैसे विजय ने राज्य में इतना ज्यादा समर्थन पाया और कैसे जनता को उनके वादे पर भरोसा हुआ. तो चलिए यह जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर तमिलनाडु में क्या हुआ?

जनता के बीच कैसे पहुंचे विजय?

विजय, जो कभी फिल्मी दुनिया पर राज करते थे, वह अब पूरे तमिलनाडु पर राज करने के लिए तैयार हैं. 51 साल की उम्र में विजय ने फिल्मी दुनिया से अलग होकर राज्य के जनता की सेवा करने का फैसला लिया. इसके लिए उन्होंने जमीनी स्तर पर उतरकर लोगों के भरोसे को जितने की कोशिश की.

दो पुरानी पार्टियां, जो अपने पुराने तरीकों को अपना रही थी, वहीं जनता के भरोसे को जीतने के लिए विजय ने अलग और नया तरीका अपनाया. लोगों के बीच में जाकर खुद को आम जनता की तरह पेश किया. राज्य में पहले से ही सत्ता विरोधी लहरें चल रही थी, जिसका पूरा फायदा विजय को मिला. विजय की आंधी ऐसी चली की राज्य में मुख्यमंत्री एम. के स्टालिन जैसे बड़े नेता को हार का सामना करना पड़ा. यह नजारा बेहद दुर्लभ की किसी बड़े नेता को अपनी सीट से हार मिली हो. 

विजय की जात का सबसे बड़ा फैक्टर

विजय की इमेज पहले से ही जनता के बीच में एक हीरो की तरह है. ऐसे में जब TVK ने सुपर सिक्स वादे किए तो उसका भी गहरा असर हुआ. विजय की पार्टी ने सबसे ज्यादा मेहनत युवाओं और महिला मतदाताओं के भरोसे को जीतने में लगाया. जिसका नतीजा यह हुआ की दो सबसे मजबूत पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा. तमिलनाडु का एक खास इतिहास रहा है, यहां की जनता पहले भी फिल्मी दुनिया से आए कलाकारों को मौका दी है. जिसमें से एमजी रामचंद्रन और जयललिता के नाम सबसे ऊपर हैं.

लेकिन इस बार ऐसा पहली बार हुआ है, जब पहली बार किसी स्टार ने अपनी नई पार्टी बनाई हो और सबकुछ नए तरीके से किया हो फिर भी लोगों पर अपने अमिट छाप छोड़ दिए. विशेषज्ञों का मानना है विजय के वादे अलग थे, जिसके कारण लोगों ने उनका समर्थन किया. हालांकि विपक्षी पार्टियां इसे फिल्मी डॉयलॉग बता रही है. अब आने वाले समय में यह साफ होगा कि विजय जनता की उम्मीद पर कितने खड़े उतरते हैं.