'मियांओं' से जमीन वापसी और UCC लागू करने का वादा, असम चुनाव को लेकर बीजेपी ने खेला बड़ा दांव
भाजपा ने असम विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इसमें सत्ता में लौटने पर तीन महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, घुसपैठियों को बेदखल करने और राज्य के बुनियादी ढांचे में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया है.
नई दिल्ली: असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को भाजपा का 'संकल्प पत्र' जारी किया, जिसे राज्य में पिछले एक दशक में हुए परिवर्तन और विकास की निरंतरता के रूप में पेश किया गया है. भाजपा के इस घोषणापत्र में कुल 31 प्रमुख वादे किए गए हैं, जो मूल निवासियों की जमीन, उनकी विरासत और सम्मान की रक्षा पर केंद्रित हैं.
घोषणापत्र जारी होने के अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सबसे बड़ा दांव खेलते हुए ऐलान किया कि सत्ता में दोबारा आने के महज तीन महीने के भीतर असम में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे राज्य के आदिवासियों और अन्य जातीय समुदायों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा. इसके अलावा, भाजपा ने 'लव और लैंड जिहाद' के खिलाफ कठोर कानून लाने का संकल्प लिया है. 'अवैध प्रवासी निष्कासन अधिनियम, 1950' के तहत जिला आयुक्तों को 24 घंटे के भीतर विदेशियों को निष्कासित करने का अधिकार देने की भी बात कही गई है.
घुसपैठियों के खिलाफ 'आर-पार' की जंग
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा जंगलों और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ निर्णायक कानूनी लड़ाई लड़ेगी. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को बेदखल कर जमीन का एक-एक इंच वापस लिया जाएगा. सरमा ने कहा, 'हमने पिछले पांच वर्षों में बांग्लादेशी मियांओं की कमर तोड़ दी है और अब दिसपुर सचिवालय के आसपास उनका प्रभाव खत्म हो चुका है. इस बार हम उनकी राजनीतिक कमर भी तोड़ देंगे.'
विकास का रोडमैप: 5 लाख करोड़ का निवेश और 2 लाख नौकरियां
आर्थिक मोर्चे पर भाजपा ने असम की तस्वीर बदलने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, जिसका उपयोग एक्सप्रेसवे और 'वंदे भारत' जैसी रेल परियोजनाओं के लिए किया जाएगा. युवाओं के लिए 2 लाख सरकारी नौकरियां और 8वें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया गया है. वहीं, महिला सशक्तिकरण के तहत 'ओरुनोदोई' योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह की जाएगी. गरीब परिवारों के बच्चों के लिए केजी (KG) से पीजी (PG) तक मुफ्त शिक्षा और असम को बाढ़ मुक्त बनाने का भी ठोस संकल्प लिया गया है.
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो विकास कांग्रेस 60 साल में नहीं कर पाई, वह भाजपा ने एक दशक में कर दिखाया है. राज्य में मतगणना 4 मई को होगी.