हलाल एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ है 'अनुमेय या वैध'. हलाल इस्लाम और उसके भोजन कानून विशेष रूप से मांस से संबंधित है.
हलाल सर्टिफाइड का मतलब है कि खाने वाला प्रोडेक्ट शुद्ध है और इस्लामी कानून के अनुरूप तैयार किया गया है.
उस प्रोडेक्ट को हलाल सर्टिफाइड नहीं माना जा सकता है जिसमें हराम सामग्री शामिल है, जैसे प्रोडेक्ट में मरे हुए जानवर या पशु का कोई हिस्सा.
हलाल को लेकर इस्लाम में मान्यता है कि जानवरों को मारने के लिए धाबीहा यानी गले की नस और श्वासनली को काटकर मारना जरूरी है.
केवल एक मुस्लिम व्यक्ति ही जानवर को मार सकता है. कई जगहों पर यह भी उल्लेख किया गया है कि अगर यहूदी और ईसाई हलाल प्रक्रिया का पालन कर जानवरों को मारते हैं, तो यह मांस इस्लामिक नियमों के अनुसार हलाल है.
भारत में सरकारी संस्था ऐसा कोई सर्टिफिकेशन जारी नहीं करती. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, भारत में जमीयत-उलमा-ए-महाराष्ट्र और जमीयत-उलमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट के रूप में जाने वाले दो महत्वपूर्ण संगठन थे.
अरब के देशों के जहां एक मजिस्ट्रेट हलाल सर्टिफिकेशन देता है, भारत में कोई कानूनी ऑथोरिटी नहीं है जो ये जारी करती है.