कर्तव्य पथ पर पहली बार दिखा 'तेजस', जानें सेना में इसकी अहमियत


Suraj Tiwari
26 Jan 2024

गणतंत्र दिवस परेड

    गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार चार LCA तेजस फाइटर जेट ने उड़ान भरी.

दुनिया का इलकौता फाइटर जेट

    ये दुनिया का इलकौता फाइटर जेट है जिसे कोई भी राडार आसानी से पकड़ नहीं पाते.

आकार में छोटा

    ये आकार में छोटा होने की वजह से दुनिया का कोई भी रडार सिस्टम इसे पकड़ नहीं पाता.

तेजस की स्पीड

    तेजस की अधिकतम गति 1980 Km/h है. वहीं इसकी रेंज 1850 KM है. इसके साथ ही 53 हजार Km की ऊंचाई तक जा सकती है.

हवा से हवा करती है वॉर

    इसमें आठ अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. ये हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है.

बनाने की योजना

    वहीं इसको हवा से जमीन पर मारक मिसाइल बनाने की योजना है.

ब्रह्मोस-रूद्रम से है लैस

    ये ब्रह्मोस-रूद्रम जैसे खतरनाक मिसाइल से लैस है.

180 तेजस फाइटर की जरूरत

    वर्तमान में भारतीय सेना को 180 फाइटर तेजस की जरूरत है. हालांकि 83 फाइटर जेटों का करार हो चुका है.

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