क्या इस्लाम मानने वाले कर सकते हैं पांचवां निकाह?
शरिया कानून
इस्लाम में शादी शरिया कानून के तहत मान्य होती है.
कई मान्यताएं
इस्लाम में शादी को लेकर कई मान्यताएं हैं.
धर्म संहिता
मुसलमान शरिया कानून को धर्म संहिता मानते हैं. इसी वजह से इसका पालन करते हैं.
मुसलमान पुरुष
शरिया के मुताबिक एक मुसलमान पुरुष 4 बार निकाह कर सकता है. यानी 4 पत्नियों के साथ रह सकता है.
पांचवां निकाह
हालांकि उसको पांचवां निकाह करने से पहले कुछ शर्तों का पालन करना होता है.
किसी एक से तलाक
मुसलमान पुरुष का पांचवां निकाह तभी वैध माना है जब उसकी चार में से किसी एक पत्नी से तलाक हो चुका हो.
एक पत्नी की मौत
या फिर चार में से एक पत्नी की मौत हो गई हो.
मुसलमानों में निकाह
मुसलमानों में निकाह अपने कजन से भी वैध माना जाता है.
निकाह नहीं कर सकता
मुसलमान अपनी सगी बुआ, मौसी, भांजी और भतीजी से निकाह नहीं कर सकता.