वजन कम नहीं लेकिन फिर भी हो रहा फैट लॉस, समझे लक्षण
पेशाब की बढ़ी हुई मात्रा
अगर आपको सामान्य से ज़्यादा बार बाथरूम जाना पड़ रहा है, तो यह फैट लॉस का पहला संकेत हो सकता है. अधिक पानी पीने और मेटाबॉलिज़्म बढ़ने की वजह से शरीर कचरे को कुशलता से बाहर निकालता है.
शरीर ठंडा महसूस होना
फैट इंसुलेशन का काम करता है. जैसे-जैसे फैट कम होता है, हाथ-पैर पहले से ज्यादा ठंडे लग सकते हैं. यह बदलाव केवल बाहर से नहीं बल्कि अंदर से हो रहा असली असर है.
पसीने की गंध में बदलाव
जब आपका शरीर जमा फैट को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करता है, तो मेटाबॉलिक बदलावों के कारण पसीने की गंध हल्की-सी बदल सकती है.
अचानक ऊर्जा में वृद्धि
फैट लॉस के दौरान इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है, जिससे अचानक ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है. बिना किसी वजह पूरा कमरा साफ करना या एक्टिव महसूस करना इसका सामान्य संकेत है.
जॉलाइन और चेहरे की बनावट में बदलाव
चेहरे का फैट शरीर के अन्य हिस्सों के मुकाबले जल्दी घटता है. इससे गाल और जबड़े की हड्डियां ज़्यादा स्पष्ट दिखाई देने लगती हैं.
कपड़े अलग तरह से फिट होना
फैट अलग-अलग हिस्सों से कम होता है. आपकी शर्ट कंधों पर ढीली लग सकती है, जबकि जींस अभी भी टाइट हो. ये असमानताएं फैट लॉस की प्रक्रिया का हिस्सा हैं.
बेहतर नींद
फैट कम होने से हार्मोन संतुलित होते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है. परिणामस्वरूप सोने और अच्छी नींद लेना आसान हो जाता है.
मूड में सुधार
शारीरिक बदलाव के साथ मानसिक स्थिति भी बेहतर होती है. समय के साथ मूड स्थिर और सकारात्मक महसूस होने लगता है.
नसें अधिक दिखाई देना
स्किन के नीचे फैट कम होने पर नसें और अंदर की संरचनाएं स्पष्ट दिखने लगती हैं.