फेफड़ों में जमा पटाखों का धुएं को निकाने के नेचुरल उपाय,जानें
दिवाली के बाद फेफड़ों की सफाई जरूरी क्यों है?
पटाखों का धुआं, वाहन प्रदूषण और धूल फेफड़ों में सूजन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत पैदा करते हैं. इसलिए प्रदूषण के बाद फेफड़ों को नेचुरल तरीके से डिटॉक्स करना बेहद जरूरी है.
अदरक और हल्दी से सूजन पर काबू
अदरक और हल्दी में सूजन कम करने वाले तत्व होते हैं जो बलगम निकालने में मदद करते हैं. सुबह खाली पेट अदरक-हल्दी वाला पानी पीना लाभकारी है.
लहसुन से मिले संक्रमण से सुरक्षा1)
लहसुन में मौजूद एलिसिन फेफड़ों को संक्रमण से बचाता है और सांस की नलियों को साफ रखता है. इसे कच्चा या दूध में उबालकर सेवन किया जा सकता है.
तुलसी की चाय या काढ़ा पिएं
तुलसी फेफड़ों में जमा कफ को बाहर निकालने में मदद करती है. तुलसी की चाय या काढ़ा सुबह और रात को पीना फेफड़ों की सफाई के लिए उत्तम उपाय है.
विटामिन C से बढ़ाएं इम्यूनिटी
नींबू, संतरा और आंवला जैसे फलों में मौजूद विटामिन C शरीर से टॉक्सिन्स निकालता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.
हल्दी-शहद वाला गुनगुना पानी
गुनगुने पानी में हल्दी और शहद मिलाकर रोज पीने से फेफड़ों की सफाई होती है और सांस लेना आसान बनता है.
भाप लें और हर्बल चाय पिएं
नीलगिरी तेल या कपूर वाली भाप लेने से कफ ढीला होता है. तुलसी, मुलेठी और अदरक की हर्बल चाय गले की खराश और खांसी में राहत देती है.
खूब पानी और सूप का सेवन करें
पर्याप्त पानी पीने से फेफड़ों से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं. साथ ही नारियल पानी और सूप शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और बलगम कम करते हैं.
प्राणायाम और गहरी सांस के व्यायाम
अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भस्त्रिका जैसे प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं और प्रदूषण से हुए नुकसान को कम करते हैं.
स्वस्थ दिनचर्या और सावधानी जरूरी
सुबह प्रदूषण वाले समय बाहर निकलने से बचें. पौष्टिक आहार लें और हर दिन कम से कम 8 घंटे की नींद पूरी करें ताकि शरीर खुद को रिपेयर कर सके.