नहाय-खाय पर बिना प्याज-लहसुन की लौकी की सब्जी कैसे बनाएं?


Reepu Kumari
24 Oct 2025

नहाय-खाय का महत्व

    छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय श्रद्धालुओं के लिए शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक है. इस दिन स्नान और पवित्र भोजन का सेवन करने से शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं.

लौकी की विशेषता

    लौकी हल्की और सुपाच्य होती है. इसे भोजन में शामिल करने से शरीर को आराम मिलता है और व्रत रखने वालों का मन शांत रहता है.

चने की दाल का महत्व

    चना दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इसे सात्विक भोजन के रूप में माना जाता है. नहाय-खाय में इसका उपयोग स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाए रखने के लिए जरूरी है.

सात्विक मसाले और तेल

    इस दिन भोजन में प्याज-लहसुन का उपयोग नहीं होता. सेंधा नमक, हल्दी, हींग, हरी मिर्च और घी या सरसों तेल से खाना बनाया जाता है.

सामग्री तैयार करना

    नहाय-खाय वाली लौकी चना दाल की सब्जी बनाने के लिए पहले चना दाल भिगोकर रखें और लौकी काटकर तैयार रखें.

तड़का लगाना

    कड़ाही में घी या सरसों तेल डालकर जीरा और हींग का तड़का लगाएँ. हरी मिर्च डालें और हल्दी पाउडर मिलाएँ.

सब्जी पकाना

    अब कटे हुए लौकी और भिगोई चना दाल डालें. सेंधा नमक मिलाकर कुछ देर भूनें और फिर थोड़ा पानी डालकर ढककर पकाएँ.

परोसने की विधि

    नहाय-खाय के दिन इस सात्विक लौकी चना दाल की सब्जी को भात या अरवा चावल के साथ परोसें. यह शरीर को हल्का रखती है और व्रत का आनंद बढ़ाती है.

Disclaimer

    यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.

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