कौन है निक्कू मधुसूदन, 'एलियन ग्रह' खोजकर मचाई सनसनी!
दूसरी दुनिया
दूसरी दुनिया या फिर कहें पृथ्वी से दूर जीवन की खोज में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक ने बड़ा खुलासा किया है.
एक ग्रह पर अणु का पता
भारतीय मूल के खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. निक्कू मधुसूदन और उनकी टीम ने दूर के एक ग्रह पर अणु का पता लगाया है. इससे जैविक गतिविधियों का पता लगता है.
K2-18b
इन रिसर्चर ने K2-18b के वायुमंडल में डाइमिथाइल सल्फाइड (DMS) की उपस्थिति पाई है. यह ग्रह पृथ्वी से 120 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है.
वाराणसी से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री
1980 में भारत में जन्मे डॉ. मधुसूदन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BHU), वाराणसी से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की है.
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
इसके बाद उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से ग्रह विज्ञान में मास्टर और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की.
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रोफेसर
वह वर्तमान में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और उन्हें हाइसीन ग्रहों की अवधारणा को पेश करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है.
2021 में प्रस्ताव दिया
डॉ मधुसूदन ने 2021 में प्रस्ताव दिया कि ऐसे ग्रह सही वायुमंडलीय और समुद्री परिस्थितियों में जीवन को बनाए रख सकते हैं.
DMS का पता लगाना
ग्रह के वायुमंडल में मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड के साथ-साथ DMS का पता लगाना इस परिकल्पना को मजबूत करता है.
कोई निष्कर्ष नहीं
हालांकि अभी उन्होंने इस खोज पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है. उन्होंने कहा कि इस पर इतना जल्दी कुछ भी फाइनल कहना गलत होगा.