POJK और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों में क्या है अंतर?


Reepu Kumari
08 May 2025

इंडियन आम्र्ड फोर्सेस के पास पूरी जानकारी

    कहते हैं दुश्मनों के बारे में पूरी जानकारी होना जरुरी है. यही काम भारत की सेना भी करती है. वो अपने सबसे बड़े दुश्मन पाकिस्तान के बारे में पूरी डिटेल रखती है. इंडियन आम्र्ड फोर्सेस को पाकिस्तान और पीओजेके में चल रहे सारे 21 आतंकी कैंपों की जानकारी है.

दोनों जगह के आतंकी कैंपों में अंतर होता?

    पीओजेके के आतंकी कैप और पाकिस्तान के अंदर के आतंकी कैप दोनों जगह को ही क्यों चुना? दरअसल, दोनों जगह के आतंकी कैंपों में अंतर होता है.

पीओजेके के आतंकी कैंप

    यहां आतंकी कैंप में ट्रेंड आतंकवादी पहुंचते हैं. ये कैंप लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल से. ज्यादा दूर नहीं होते.

पाकिस्तान के अंदर के कैपों में ट्रेनिंग

    यहां आतंकी 2-3 महीने रहते हैं. ये पाकिस्तान के अंदर के कैपों से ट्रेनिंग लेकर यहां पहुंचते है.

घुसपैठ की ट्रेनिग

    फिर यहां इन्हें घुसपैठ की ट्रेनिग कराई जाती है, जो पाकिस्तान के अंदर वाले कैंपो में नहीं होती. आतंकियों की ट्रेनिग के लिए उनके कैंप के आसपास फेंस भी लगाए गए है, जहां उन्हें ट्रेनिग देते हैं कि कैसे एलओसी पार कर घुसपैठ करनी है.

कहां होती है ट्रेनिंग

    इनकी ट्रेनिंग एलओसी के पास ऐसी जगह पर होती है जहां नाले, जंगल, पहाड़ सब हो.

सर्वाइवल ट्रेनिग

    इन्हें घुसपैठ की ट्रेनिग के साथ ही जंगल सर्वाइवल ट्रेनिग भी दी जाती है. जब घुसपैठ करके ये आएं तो जंगलों में चुपते जग अपना दधाव भी कर सकें.

पाकिस्तान के अंदर के आतंकी कैंप

    किसी बड़ी संस्था की तरह इनका ढांचा और इनमे सुविधा होती है. यहा पैदा होते है आतकवादी. यह 10-12 साल के बच्चों को लाया जाता है.

आतंकियों का रिक्रूटमेट शुरू

    उन बच्चे के दिमाग में जहर लिए तैयार किया जाता है. यही से आतंकियों का रिक्रूटमेट शुरू होता है. कब्जे को यह 6-7 साल तक आतंकवादी बनने के लिए शारीरिक ये बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर होते है, घोलकर उन्हें आतंकी बनने के उन्हें शारीरक और मानसिक रुप से तैयार किया जाता है.

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