क्यों ईरान में भड़का जनाक्रोश, जानें पूरी कहानी
Kuldeep Sharma
2026/01/02 13:09:10 IST
महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे ईरानी
27 दिसंबर 2025 को तेहरान में दुकानदारों की हड़ताल से विरोध शुरू हुआ. बढ़ती कीमतों और आर्थिक ठहराव ने लोगों का गुस्सा सड़कों पर ला दिया.
Credit: social mediaसत्ता के खिलाफ लगाए नारे
प्रदर्शनकारियों ने खुलकर ईरान की धार्मिक सत्ता के खिलाफ 'मुल्लाओं को जाना होगा' और 'तानाशाही मुर्दाबाद' के नारे लगाए.
Credit: social mediaराजधानी से प्रांतों तक बगावत
तेहरान से शुरू हुआ आंदोलन जल्द ही ग्रामीण इलाकों और प्रांतीय शहरों तक फैल गया, जहां हालात ज्यादा हिंसक हो गए.
Credit: social mediaप्रदर्शन में सात मौतें, कई घायल
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की झड़प में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं.
Credit: social mediaअजना और लॉरदेगन में हिंसा
लोर समुदाय बहुल शहरों में हिंसा सबसे ज्यादा देखी गई. आगजनी, गोलीबारी और सरकारी इमारतों पर हमले हुए.
Credit: social mediaपुलिस की सख्ती- गिरफ्तारी और आंसू गैस
पुलिस ने पत्थरबाजी के जवाब में आंसू गैस छोड़ी और कई कथित 'रिंगलीडर्स' को गिरफ्तार किया.
Credit: social mediaसुरक्षा बल भी निशाने पर
कूहेदश्त शहर में प्रदर्शन के दौरान बसीज बल का एक 21 वर्षीय सदस्य मारा गया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए.
Credit: social mediaझंडा जलाने के वीडियो वायरल
ईरानी-अमेरिकी पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने कई वीडियो साझा किए, जिनमें युवा इस्लामिक रिपब्लिक का झंडा जलाते दिखे.
Credit: social mediaराष्ट्रपति की नरमी, सिस्टम की सख्ती
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने जनता की मांगों को जायज बताया, लेकिन प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी.
Credit: social mediaमहसा अमीनी के बाद सबसे बड़ा आंदोलन
2022 के महसा अमीनी आंदोलन के बाद यह ईरान का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है, हालांकि इसका स्वरूप आर्थिक मुद्दों से शुरू हुआ.
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