क्यों ईरान में भड़का जनाक्रोश, जानें पूरी कहानी


Kuldeep Sharma
02 Jan 2026

महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे ईरानी

    27 दिसंबर 2025 को तेहरान में दुकानदारों की हड़ताल से विरोध शुरू हुआ. बढ़ती कीमतों और आर्थिक ठहराव ने लोगों का गुस्सा सड़कों पर ला दिया.

सत्ता के खिलाफ लगाए नारे

    प्रदर्शनकारियों ने खुलकर ईरान की धार्मिक सत्ता के खिलाफ 'मुल्लाओं को जाना होगा' और 'तानाशाही मुर्दाबाद' के नारे लगाए.

राजधानी से प्रांतों तक बगावत

    तेहरान से शुरू हुआ आंदोलन जल्द ही ग्रामीण इलाकों और प्रांतीय शहरों तक फैल गया, जहां हालात ज्यादा हिंसक हो गए.

प्रदर्शन में सात मौतें, कई घायल

    प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की झड़प में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं.

अजना और लॉरदेगन में हिंसा

    लोर समुदाय बहुल शहरों में हिंसा सबसे ज्यादा देखी गई. आगजनी, गोलीबारी और सरकारी इमारतों पर हमले हुए.

पुलिस की सख्ती- गिरफ्तारी और आंसू गैस

    पुलिस ने पत्थरबाजी के जवाब में आंसू गैस छोड़ी और कई कथित 'रिंगलीडर्स' को गिरफ्तार किया.

सुरक्षा बल भी निशाने पर

    कूहेदश्त शहर में प्रदर्शन के दौरान बसीज बल का एक 21 वर्षीय सदस्य मारा गया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए.

झंडा जलाने के वीडियो वायरल

    ईरानी-अमेरिकी पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने कई वीडियो साझा किए, जिनमें युवा इस्लामिक रिपब्लिक का झंडा जलाते दिखे.

राष्ट्रपति की नरमी, सिस्टम की सख्ती

    राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने जनता की मांगों को जायज बताया, लेकिन प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी.

महसा अमीनी के बाद सबसे बड़ा आंदोलन

    2022 के महसा अमीनी आंदोलन के बाद यह ईरान का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है, हालांकि इसका स्वरूप आर्थिक मुद्दों से शुरू हुआ.

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