कैसे बनें 'गगनवीर'?
Gyanendra Tiwari
27 Feb 2024
गगनयान मिशन
गगनयान मिशन के तहत 4 भारतीय अंतरिक्ष की सैर करेंगे. एस्ट्रोनॉट्स बनना आसान नहीं. आइए जानते हैं कैसे आप अंतरिक्ष यात्री बन सकते हैं.
2 तरह के एस्ट्रोनॉट्स
2 तरह के एस्ट्रोनॉट्स होते हैं एक पायलट तो दूसरे मिशन स्पेशलिस्ट एस्ट्रोनॉट्स. एस्ट्रोनॉट्स बनने के लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम में पास होना अनिवार्य है.
हायर एजुकेशन
इसके बाद उसी फील्ड में ग्रेजुएशन, मास्टर या फिर मैथ, बायोलॉजी, फिजिक्स, केमेस्ट्री या फिर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी होना चाहिए.
स्पेस एजेंसी
इसके बाद स्पेस एजेंसी जैसे नासा या इसरो के कंपटेटिव एग्जाम दें.स्पेस एजेंसी में वैज्ञानिक पदों के लिए समय-समय पर वैकेंसी निकलती रहती है. एस्ट्रोनॉट्स बनने के लिए फिजिकली फिट रहना अनिवार्य है.
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
अगर आपने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है तो आपके लिए एस्ट्रोनॉट्स बनने में थोड़ी आसानी हो सकती है.
इंडियन एयरफोर्स के पायलट
ज्यादातर इंडियन एयरफोर्स के पायलट एस्ट्रोनॉट्स बनते हैं क्योंकि उन्हें विमान चलाने का अनुभव होता है.
NDA और CDS
आप NDA या फिर CDS के जरिए इंडियन एयरफोर्स में जा सकते हैं. क्योंकि यहां से 'गगनवीर' यानी एस्ट्रोनॉट्स बनाना आसान होता.
कड़ी ट्रेनिंग
अगर आप एस्ट्रोनॉट्स के रूप में सिलेक्ट हो जाते हैं तो आपको कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ेगा. ट्रेनिंग में पास न होने पर आपको निकाला जा सकता है. क्योंकि कोई भी स्पेस एजेंसी रिस्क नहीं लेना चाहती.
एस्ट्रोनॉट्स
इस स्टोरी के जरिए हमने आपको ये समझाने की कोशिश की है कि एस्ट्रोनॉट्स कैसे बनें. अन्य देशों में अलग नियम भी हो सकते हैं.