किन देशों पर गिरेगी अमेरिकी टैरिफ की गाज? देखें ये लिस्ट
अमेरिकी व्यापार विभाग की रिपोर्ट
ये देश शामिल हो सकते हैं -
चीन, यूरोपीय संघ, मेक्सिको, वियतनाम, जर्मनी, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, भारत, थाईलैंड, इटली, स्विट्ज़रलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया.
'डर्टी 15' सूची क्या है?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने 15 ऐसे देशों की पहचान की है जो अमेरिका पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाते हैं या असमान व्यापार नियमों का पालन करते हैं. हालांकि, इस सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
अमेरिका की शिकायतें और टैरिफ का कारण
ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि, नए टैरिफ उन्हीं देशों पर लगाए जाएंगे जो अमेरिका के साथ व्यापार घाटे का कारण बनते हैं.किन देशों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान?
किन देशों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान?
टैरिफ का प्रभाव सबसे ज्यादा चीन, यूरोपीय संघ, भारत और मैक्सिको जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो अमेरिका के लिए प्रमुख निर्यातक हैं.
अमेरिका के अन्य व्यापारिक उपाय
यूएसटीआर ने 21 ऐसे देशों की भी पहचान की है जिनके व्यापार व्यवहार अमेरिका के लिए हानिकारक माने जाते हैं. इनमें रूस, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हैं.
किन उद्योगों पर होगा असर?
स्टील और एल्युमीनियम
ऑटोमोबाइल और उसके स्पेयर पार्ट्स
सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल्स
कृषि उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स
क्या टैरिफ से अमेरिका को फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति अमेरिका में कुछ उद्योगों को बढ़ावा दे सकती है, लेकिन इससे आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं और अमेरिकी उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
अगर ये टैरिफ लागू होते हैं, तो कई देश अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.