साउथ कोरिया में तख्तापलट और मार्शल लॉ का है क्रूर इतिहास
Kamal Kumar Mishra
04 Dec 2024
साउथ कोरिया में मॉर्शल लॉ
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने मंगलवार को एक आपातकालीन राष्ट्रीय संबोधन में मार्शल लॉ की घोषणा की.
सरकार विरोधी प्रदर्शन पर प्रहार
सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोकने के लिए सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर लड़ाकू सैनिकों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को तैनात करने की अनुमति मिली.
बगैर सूचना के मॉर्शल लॉ की घोषणा
बगैर किसी पूर्व सूचना के साउथ कोरिया में मॉर्शल लॉ की घोषणा की गई, जिसे देशभर में लाइव प्रसारित किया गया.
राष्ट्रपति ने क्या कहा?
राष्ट्रपति यून सुक योल ने अपने संबोधन में "उत्तर कोरिया समर्थक और राष्ट्र-विरोधी ताकतों" को खत्म करने की बात कही.
तानाशाह किम जोंग का डर!
दक्षिण कोरिया में मॉर्शल लॉ की वजह नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग को बताया गया.
दक्षिण कोरिया में कई बार तानाशाही
राष्ट्रपति के फैसले ने दक्षिण कोरिया को चौंका दिया, क्योंकि साउथ कोरिया इतिहास में कई बार तानाशाही सरकारों का सामना किया है.
साउथ कोरिया में पहली बार तख्तापलट
तानाशाह पार्क चुंग ने 16 मई 1961 की सुबह देश के पहले सफल तख्तापलट में कई हज़ार सैनिकों का नेतृत्व किया और देश पर करीब 20 वर्षों तक शासन किया.