येलो-ऑरेंज और रेड, जानें किस मौसम में कौन-सा अलर्ट होता है जारी?
येलो अलर्ट क्या होता है?
जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचता है, तब येलो अलर्ट जारी होता है. यह शुरुआती चेतावनी होती है कि गर्मी बढ़ रही है.
येलो अलर्ट में क्या करें?
इस दौरान धूप में कम निकलें, ज्यादा पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें.
ऑरेंज अलर्ट कब जारी होता है?
जब तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचता है, तब ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है. यह गंभीर स्थिति का संकेत है.
ऑरेंज अलर्ट में किन्हें ज्यादा खतरा?
बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इस दौरान ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है क्योंकि लू लगने का खतरा बढ़ जाता है.
रेड अलर्ट सबसे खतरनाक क्यों?
जब तापमान 45 डिग्री या उससे ज्यादा हो जाता है, तब रेड अलर्ट जारी होता है. यह सबसे गंभीर चेतावनी होती है.
रेड अलर्ट में क्या सावधानी रखें?
घर में रहें, बिना जरूरी काम बाहर न निकलें, ठंडे पेय लें और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए पूरी सतर्कता रखें.
मौसम विभाग रंग कैसे तय करता है?
तापमान, हवा की गति, नमी और कई दिनों के मौसम के पैटर्न को देखकर अलर्ट का रंग तय किया जाता है.
लगातार गर्मी बढ़ने पर क्या होता है?
अगर कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा बना रहता है, तो अलर्ट का स्तर येलो से ऑरेंज और फिर रेड तक बढ़ सकता है.
हीट वेव से कैसे बचें?
ज्यादा पानी पिएं, हल्का खाना खाएं, ढीले कपड़े पहनें और सीधी धूप से बचें. यह सबसे जरूरी बचाव है.
अलर्ट को समझना क्यों जरूरी है?
समय रहते सही जानकारी मिलने से लोग खुद को सुरक्षित रख सकते हैं और लू जैसी खतरनाक स्थिति से बच सकते हैं.