महिला आरक्षण के लिए संसद में पेश किए जा रहे ये तीन विधेयक
विशेष सत्र का पहला दिन
संसद के बजट सत्र के विशेष सत्र के पहले दिन आज केंद्र सरकार महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनावों से प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तीन बड़े विधेयक पेश कर रही है.
लागू होगा महिला आरक्षण
इन विधेयकों के जरिए लोकसभा की कुल सीटों में भारी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि महिला आरक्षण लागू करने में किसी राज्य की मौजूदा सीटें कम न हों.
सरकार का स्पष्ट संदेश
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि परिसीमन के बाद सभी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी और कोई भी राज्य अपनी वर्तमान आनुपातिक ताकत नहीं खोएगा.
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति
साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सीटों पर भी महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा.
तीन प्रमुख विधेयक
आइए जानते हैं आज पेश होने वाले तीन प्रमुख विधेयकों के बारे में.
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026
इस संशोधन के तहत लोकसभा की अधिकतम सीटों की संख्या को बढ़ाकर 850 कर दिया जाएगा. इसमें राज्यों के लिए 815 सीटें और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें प्रस्तावित हैं. फिलहाल लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं.
परिसीमन विधेयक, 2026
यह विधेयक नई जनगणना के आधार पर पूरे देश में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण के लिए परिसीमन आयोग बनाने का प्रावधान करता है. आयोग नवीनतम जनसंख्या आंकड़ों के अनुसार सीटों का पुनर्वितरण करेगा.
केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026
यह विधेयक दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी समेत अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़ा है. इससे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं को समान अवसर मिल सकेगा.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
इन तीनों विधेयकों के पास होने के बाद 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण वास्तव में लागू हो सकेगा. सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम बता रही है.