गोवा में 'टैक्सी वालों' की वजह से नहीं आ रहे विदेशी टूरिस्ट?


Anubhaw Mani Tripathi
07 Nov 2024

विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट

    2019 में 8.5 मिलियन विदेशी आए थे, जो 2023 में घटकर 1.5 मिलियन रह गए हैं.

महंगे होटल और ट्रांसपोर्ट की समस्या

    गोवा में उच्च कीमतों ने विदेशी सैलानियों को परेशान किया, उन्हें सस्ते विकल्पों की तलाश है.

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर

    रूस और इज़राइल से चार्टर फ्लाइट्स कम हो गईं, जिससे गोवा के पर्यटन पर असर पड़ा है.

सस्ती जगहों की बढ़ती लोकप्रियता

    विदेशी अब थाईलैंड, श्रीलंका, बाली जैसे सस्ते देशों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

टैक्सी ड्राइवरों की मनमानी

    कई पर्यटकों ने टैक्सी ड्राइवरों के मनमाने रेट और बदतमीजी की शिकायत की है.

ओवरटूरिज्म का शिकार

    कुछ सैलानी अब गोवा को बोरिंग और महंगा मानते हैं.

वीजा और सुविधाओं में आसानी

    साउथ ईस्ट एशिया में वीजा आसान और सुविधाएं बेहतर हैं, इसलिए वहां का रुख कर रहे हैं.

भारतीय पर्यटकों की संख्या में कमी

    भारतीय पर्यटकों का गोवा आना भी कम हो सकता है, क्योंकि शोषण की शिकायतें बढ़ी हैं.

हॉस्पिटैलिटी में सुधार की जरूरत

    कई यूजर्स ने गोवा की हॉस्पिटैलिटी सेवाओं में सुधार की आवश्यकता जताई है.

दूसरे देशों की आकर्षक सुविधाएं

    सस्ते खर्चे और बेहतर अनुभव के चलते, गोवा की जगह अब अन्य देशों को पसंद किया जा रहा है.

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