Kasturba Gandhi: जेल, संघर्ष और स्वतंत्रता की अनकही कहानी
जन्म और बचपन
कस्तूरबा गांधी का जन्म 11 अप्रैल 1869 को पोरबंदर में हुआ था. उनका बचपन साधारण लेकिन संस्कारी परिवार में बीता.
शादी और परिवार
उनकी शादी महात्मा गांधी से 1882 में हुई, जब दोनों की उम्र मात्र 13 साल थी. यह विवाह दो मित्र परिवारों के बीच हुआ.
‘बा’ कैसे बनीं?
कस्तूरबा गांधी की ममतामयी और शांत स्वभाव के कारण लोग उन्हें प्यार से ‘बा’ कहने लगे, जो आज भी उन्हें इसी नाम से जानते हैं.
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका
कस्तूरबा ने महात्मा गांधी के साथ मिलकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और कई बार जेल भी गईं. वे आंदोलन की अग्रणी महिला थीं.
महिलाओं को सशक्त किया
कस्तूरबा ने महिलाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया. वे समाज में महिलाओं की आवाज बनीं.
जात-पात के खिलाफ आवाज
उन्होंने जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों का विरोध किया और गांधीजी के सामाजिक विचारों को मजबूत किया.
जेल में संघर्ष
भारत छोड़ो आंदोलन के समय वे गांधीजी के साथ पुणे के आगा खान पैलेस में नजरबंद थीं, वहीं पर उनकी तबीयत बिगड़ी.
बलिदान और मृत्यु
22 फरवरी 1944 को कस्तूरबा गांधी का निधन हुआ. वे आज़ादी की लड़ाई में अपने योगदान के लिए हमेशा याद की जाएंगी.
आज क्यों याद करें 'बा' को?
कस्तूरबा गांधी आज की पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा हैं. उनका जीवन हमें सिखाता है कि सेवा और सच्चाई से बड़ा कोई धर्म नहीं.