केरलपुत्र से केरलम तक: केरल राज्य के नाम की 2000 साल की यात्रा
Kuldeep Sharma
25 Feb 2026
केरलम करने की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू
केरल बिल 2026 विधानसभा की राय के बाद संसद में आएगा, संविधान की पहली अनुसूची में बदलाव होगा.
प्राचीन नाम 'केरलपुत्र'
अशोक के मेजर रॉक एडिक्ट II में प्राकृत में 'केरलपुत्र' (केरल का पुत्र) का उल्लेख है. यह ब्राह्मी लिपि में सबसे पुराना सबूत है.
पतंजलि के महाभाष्य में भी जिक्र
पाणिनि की व्याकरण पर टिप्पणी में पतंजलि ने 'केरल' का इस्तेमाल किया है. संस्कृत साहित्य में पहली बार इस शब्द का उल्लेख यही हुआ.
महाभारत और रामायण में केरल
महाभारत (सभा और भीष्म पर्व) तथा रामायण (किष्किंधा कांड) में केरल को प्रमुख दक्षिणी राज्य के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.
कालिदास का रघुवंश (4-5वीं शताब्दी)
कालिदास ने रघुवंश के चौथे सर्ग में केरल का वर्णन किया है. क्लासिकल संस्कृत काव्य में ये स्थापित नाम है.
चोल साम्राज्य के अभिलेख (11वीं शताब्दी)
'केरलम' का प्रारंभिक द्रविड़ रूप- राजेंद्र चोल प्रथम के अभिलेखों में 'केरलम' का उल्लेख मितला है.
लीलातिलकम (14वीं शताब्दी)
मणिप्रवालम पर संस्कृत ग्रंथ में क्षेत्र को 'केरलम' कहा गया और भाषा को 'केरल-भाषा'.
केरलोल्पत्ति (17वीं शताब्दी)-
परशुराम कथा में 'केरलम'- मलयालम पौराणिक ग्रंथ में भूमि की उत्पत्ति और 'केरलम' नाम का पूर्ण उपयोग किया गया है.