दवाओं की कीमतों में होने जा रही है बढ़ोतरी, यहां पढ़ें नए रेट्स


Anvi Shukla
01 Apr 2025

क्‍या हुआ महंगा?

    2024-25 के लिए जरूरी दवाओं की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हुई है, जो WPI के आधार पर तय की गई है.

सरकार का क्या कहना है?

    ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के तहत सरकार ने सालाना संशोधन करते हुए दवाओं के सीलिंग प्राइस बढ़ाए हैं.

कितनी हुई बढ़ोतरी?

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल कीमतों में 0.00551% की वृद्धि हुई है.

दर्द निवारक दवाओं के नए दाम

    डिक्लोफेनैक: ₹2.09 प्रति टैबलेट इबुप्रोफेन: 200mg मिलेगी ₹0.72 रूपए , 400mg मिलेगी ₹1.22 रूपए में

एंटीबायोटिक्स पर असर

    एजिथ्रोमाइसिन 250mg: ₹11.87 प्रति टैबलेट 500mg: ₹23.98 प्रति टैबलेट अमोक्सिसिलिन + क्लैवुलैनिक एसिड: ₹2.09 प्रति ml

डायबिटीज की दवा महंगी

    डापाग्लिफ्लोजिन + मेटफॉर्मिन + ग्लिमेपीराइड की कीमत ₹12.74 प्रति टैबलेट हो गई है.

एंटीवायरल दवाओं की नई कीमतें

    एसाइक्लोविर 200mg: ₹7.74 प्रति टैबलेट 400mg: ₹13.90 प्रति टैबलेट

मलेरिया की दवा भी महंगी

    हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन 200mg: ₹6.47 प्रति टैबलेट 400mg: ₹14.04 प्रति टैबलेट

क्या कहता है नियम?

    दवा कंपनियां बिना सरकारी मंजूरी के नई दरों पर एमआरपी बढ़ा सकती हैं. NPPA हर साल आवश्यक दवाओं की कीमतों की समीक्षा करता है ताकि मरीजों को सही दाम पर दवाएं मिलें.

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