बजट बनाने वालों कर्मचारियों को क्यों कर दिया जाता है दुनिया से अलग?
बजट से पहले खास परंपरा
हर साल बजट से पहले हलवा सेरेमनी होती है, जो बजट प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है.
क्या होता है लॉक इन पीरियड?
हलवा सेरेमनी के बाद बजट से जुड़े अधिकारी एक सुरक्षित परिसर में सीमित कर दिए जाते हैं.
अधिकारियों पर पूरी पाबंदी
इस दौरान वे न परिवार से मिल सकते हैं और न किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क कर सकते हैं.
मोबाइल और इंटरनेट बंद
लॉक इन पीरियड में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक होती है.
बजट की गोपनीयता का कवच
इसका मुख्य उद्देश्य बजट से जुड़ी किसी भी जानकारी को लीक होने से बचाना है.
लीक से हो सकता है बड़ा नुकसान
जानकारी बाहर आने से शेयर बाजार, टैक्स और नीतियों में गड़बड़ी हो सकती है.
ब्रिटिश काल से चली आ रही परंपरा
लॉक इन पीरियड की शुरुआत अंग्रेजी शासन के समय हुई थी.
आजादी के बाद भी जारी
स्वतंत्र भारत ने भी बजट की गोपनीयता के लिए इस व्यवस्था को अपनाए रखा.
1950 की लीक ने बढ़ाई सख्ती
1950 में बजट लीक होने के बाद नियम और ज्यादा कड़े किए गए.
नॉर्थ ब्लॉक में होती है तैयारी
अब बजट दस्तावेज नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट प्रेस में छापे जाते हैं.