क्यों घटती-बढ़ती है करंसी की वैल्यू? आसान भाषा में समझ लीजिए


Kuldeep Sharma
19 Jan 2026

करंसी की असली कीमत

    करंसी की वैल्यू का मतलब है एक देश की मुद्रा की कीमत दूसरी मुद्रा के मुकाबले कितनी है, जैसे 1 डॉलर के बदले कितने रुपये देने पड़ते हैं.

रुपया मजबूत या कमजोर कैसे समझें?

    अगर कम रुपये देकर डॉलर मिले तो रुपया मजबूत, और ज्यादा रुपये देने पड़ें तो रुपया कमजोर माना जाता है.

डिमांड-सप्लाई का खेल

    करंसी की वैल्यू रोज डिमांड और सप्लाई से तय होती है, कोई बटन दबाने से नहीं बदलती.

निर्यात बढ़े तो मुद्रा मजबूत

    जब देश का सामान विदेशों में ज्यादा बिकता है, तो उस देश की करंसी की मांग बढ़ती है और वैल्यू मजबूत होती है.

विदेशी निवेश का असर

    विदेशी निवेश बढ़ने पर डॉलर या यूरो को स्थानीय मुद्रा में बदला जाता है, जिससे करंसी की मांग बढ़ती है.

ब्याज दर का रोल

    जहां ब्याज दर बेहतर होती है, निवेशक वहां पैसा लगाते हैं, जिससे उस देश की मुद्रा मजबूत हो सकती है.

कम महंगाई, ज्यादा भरोसा

    कम महंगाई वाली करंसी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, इसलिए निवेशक उस मुद्रा को पसंद करते हैं.

इंपोर्ट से गिरावट

    तेल, गैस या सामान ज्यादा आयात करने पर विदेशी मुद्रा की जरूरत बढ़ती है, जिससे स्थानीय करंसी कमजोर हो सकती है.

आपकी जेब पर असर

    मजबूत रुपया आयात सस्ता करता है, कमजोर रुपया महंगाई बढ़ा सकता है- दोनों का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है.

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