एक साथ कई EMI? पर्सनल लोन को आसानी से ऐसे करें मैनेज
अलग-अलग EMI
आजकल कई लोगों के पास एक से ज्यादा पर्सनल लोन चल रहे हैं. अलग-अलग EMI, अलग-अलग ड्यू डेट और ऊंची ब्याज दरें, ये सब मिलकर तनाव का सबब बन जाते हैं.
सही स्ट्रैटेजी
लेकिन अच्छी खबर ये है कि थोड़ी सी प्लानिंग और सही स्ट्रैटेजी से आप न सिर्फ EMI मिस करने से बच सकते हैं, बल्कि हजारों-लाखों रुपये का ब्याज भी बचा सकते हैं.
अपनी सारी कर्ज की पूरी तस्वीर सामने लाएं
इसके लिए सबसे पहले एक कागज या एक्सेल शीट पर सभी लोन की पूरी डिटेल लिख लें. जिसमें बाकी बची राशि, ब्याज दर, मासिक EMI, पेमेंट की ड्यू डेट और कुल अवधि भी लीखें. आपकी कुल मासिक EMI आपकी इनकम के 40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर इससे ज्यादा है, तो जल्दी से कोई कदम उठाएं.
सही रीपेमेंट स्ट्रैटेजी चुनें
दो सबसे लोकप्रिय और कारगर तरीके हैं. जिसमें पहाल है एवलांच मेथड और दूसरा स्नोबॉल मेथड है. इन दोनों तरीकों के बारें में रिसर्च करें और अपने हिसाब से कोई तरीका का चुनाव करें.
EMI बहुत ज्यादा लग रही हैं?
अगर कई लोन मैनेज करना मुश्किल हो रहा है, तो डेट कंसोलिडेशन लोन ले सकते हैं. इसमें सभी पुराने लोन को एक नए सिंगल लोन में बदल दिया जाता है और एक ही EMI, एक ही ड्यू डेट पर आप इसे भर सकते हैं. हालांकि ध्यान रहे कि नया लोन का ब्याज दर पुराने लोन से कम होना चाहिए .
EMI कभी मिस न करें
50/30/20 रूल बहुत काम आता है. जिसका मतलब है कि 50% जरूरी खर्चे, जिसमें ईएमआई का भी खर्च हो. वहीं 30% अपने मनोरंजन के लिए और अपने पास के 20% पैसों को बचत या एक्स्ट्रा लोन पेमेंट के लिए इस्तेमाल करें.
हर महीने खर्चों का रिव्यू करें
सभी EMI के लिए ऑटो-डेबिट सेट कर लें और 3 से 6 महीने की EMI के बराबर का इमरजेंसी फंड जरूर रखें.
इन आम गलतियों से बचें
पुराने लोन चलते समय नए लोन लेने से बचें और EMI भरने के लिए क्रेडिट कार्ड यूज करने से बचें.