वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण से भारत को 1 अरब डॉलर का फायदा!


Shanu Sharma
05 Jan 2026

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी

    अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में हलचल मच गई है. हालांकि भारत के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है.

भारतीय कंपनी को फायदा

    विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर अमेरिकी प्रभाव से भारतीय कंपनियों को लंबे समय से अटके भुगतान मिल सकते हैं और उत्पादन में भी तेजी आ सकती है.

अमेरिकी तेल फर्म

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि अमेरिकी तेल फर्में वहां प्रवेश करेंगी और बुनियादी सुविधाओं को ठीक करेंगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा.

वेनेजुएला का तेल निर्यात

    इससे वैश्विक बाजार में वेनेजुएला का तेल निर्यात फिर से शुरू हो सकता है, जो भारत जैसे आयातक देशों के लिए फायदेमंद होगा.

भारी मात्रा में कच्चा तेल

    भारत कभी वेनेजुएला से भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता था. पीक समय पर रोजाना 4 लाख बैरल से ज्यादा तेल भारत आता था, लेकिन 2020 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह आयात बंद हो गया.

प्रतिबंधों में ढील

    अब अगर प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो भारतीय रिफाइनरियां फिर से इस हैवी क्रूड का उपयोग कर सकती हैं, जो उनकी क्षमता के अनुकूल है.

ओएनजीसी विदेश लिमिटेड

    भारतीय कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) वेनेजुएला के सैन क्रिस्टोबल तेल क्षेत्र में प्रमुख भागीदार है.

1 अरब डॉलर बकाया

    प्रतिबंधों के कारण कंपनी का करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 9000 करोड़ रुपये) का बकाया अटका हुआ है. ऑडिट की अनुमति न मिलने से यह भुगतान रुका हुआ था.

बकाया वसूलने में आसानी

    अब अमेरिकी नियंत्रण से निर्यात बहाल होने पर ओवीएल को अपना बकाया वसूलने में आसानी होगी.

More Stories