ट्रेन की एक बोगी बनाने पर कितना खर्च आता है? रकम जानकर रह जाएंगे हैरान
Kanhaiya Kumar Jha
07 Jan 2026
दुनिया में भारतीय रेलवे की पहचान
भारतीय रेलवे आज सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी कार्यकुशलता के लिए सराहा जा रहा है. कई देश भारत के रेल मॉडल से प्रेरणा ले रहे हैं.
मिडिल क्लास का भरोसा
भारतीय रेलवे मिडिल क्लास यात्रियों को उनके बजट और सुविधा के अनुसार यात्रा का विकल्प देता है. कम किराए में लंबी दूरी तय करना इसकी बड़ी ताकत है.
सिर्फ वंदे भारत ही नहीं
भारत में वंदे भारत और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनें हैं, लेकिन इसके साथ ही सस्ती पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें आज भी करोड़ों यात्रियों की जरूरत हैं.
आधुनिक जनरल कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन
PIB के अनुसार भारतीय रेलवे ने आधुनिक सुविधाओं से लैस जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया है.
कोच उत्पादन की बड़ी योजना
2025-26 में 4,838 नए एलएचबी जीएस और नॉन-एसी कोच बनाए जाएंगे. 2026-27 के लिए 4,802 एलएचबी कोचों का लक्ष्य तय किया गया है.
अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनें
अमृत भारत एक्सप्रेस किफायती किराए पर नॉन-एसी यात्रा का नया अनुभव दे रही है. 2025 में 13 नई ट्रेनें शुरू की गईं.
स्टेशनों पर वेटिंग एरिया का विकास
नई दिल्ली स्टेशन के बाद देशभर के 76 स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षा क्षेत्र बनाए जा रहे हैं. इनमें हजारों यात्रियों के ठहरने की सुविधा होगी.
ट्रेन कोच किससे बनते हैं?
ट्रेन के कोच मुख्य रूप से स्टील और एल्युमीनियम से बनाए जाते हैं. बाहरी ढांचा स्टील का और अंदरूनी हिस्सा एल्युमीनियम का होता है.
एक रेलवे कोच की कीमत कितनी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसी कोच की लागत 2.8 से 3 करोड़ रुपये तक होती है. स्लीपर कोच करीब 1.25 करोड़ और जनरल कोच की कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये होती है.