IndiGo बवाल के पहले भारत से 25 सालों में कितनी एयरलाइंस हुई गायब?


Antima Pal
05 Dec 2025

सैकड़ों फ्लाइटें हो रही रद्द

    कई दिनों से इंडिगो की सैकड़ों फ्लाइटें लगातार रद्द हो रही हैं.

ट्रूजेट

    महामारी के दौर में हुए नुकसान और लगातार वित्तीय दबाव के कारण फरवरी 2022 में ट्रूजेट को कंपनी को बंद करना पड़ा

एयर डेक्कन

    2003 में एयर डेक्कन ने भारतीय यात्रा को हमेशा के लिए बदल दिया. लेकिन वित्तीय स्थिति तेज़ी से विस्तार के साथ तालमेल नहीं बिठा पाई.

पैरामाउंट एयरवेज़

    कानूनी विवादों बकाया राशि का भुगतान न किए जाने और वित्तीय कुप्रबंधन के कारण 2010 में लाइसेंस निलंबित कर दिया गया. एयरलाइन कभी भी उड़ान नहीं भर सकी.

विस्तारा

    नवंबर 2024 में इस ब्रांड का आधिकारिक तौर पर अस्तित्व समाप्त हो गया, जब टाटा के विमानन एकीकरण के बाद इसका एयर इंडिया में विलय हो गया.

किंगफिशर एयरलाइंस

    वेतन नहीं दिए गए, विमान खड़े कर दिए गए और बैंकों पर 7000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का बकाया था. किंगफिशर का लाइसेंस अक्टूबर 2012 में निलंबित कर दिया गया, जिससे उसके शानदार दौर का अंत हो गया.

गो फर्स्ट

    गो फर्स्ट ने 2005 से विमानन क्षेत्र में उतार-चढ़ाव का सामना किया है. 2023 में इसका अप्रत्याशित पतन तब हुआ जब प्रैट एंड व्हिटनी से इंजन आपूर्ति संबंधी गंभीर समस्याओं के कारण इसके बेड़े के आधे से अधिक भाग को परिचालन से बाहर होना पड़ा.

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