जुलाई में एयर इंडिया को हुआ भारी नुकसान, इंडिगो को फायदा, DGCA रिपोर्ट
जुलाई में घरेलू हवाई यातायात घटा
डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2024 में घरेलू हवाई यात्री संख्या घटकर 1.26 करोड़ रह गई.जून की तुलना में यह करीब 2.94% की गिरावट है.
एयर इंडिया पर हादसे का असर
12 जून को एयर इंडिया अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट हादसे के बाद एयरलाइन ने बेड़े की जांच शुरू की.इसके कारण कंपनी की घरेलू उड़ानों में कमी आई और यात्री संख्या घटी.
एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी गिरी
रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी 1% घट गई.जून में जहां एयरलाइन ने 33.08 लाख यात्रियों को उड़ाया था, वहीं जुलाई में यह संख्या कम हो गई.
इंडिगो की पकड़ और मजबूत
इंडिगो ने अपनी बाजार हिस्सेदारी 64.5% से बढ़ाकर 65.2% कर ली.हालांकि जून के मुकाबले यात्रियों की संख्या कुछ कम रही, लेकिन मार्केट में उसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है.
अकासा एयर और स्पाइसजेट को फायदा
जुलाई में अकासा एयर और स्पाइसजेट दोनों की हिस्सेदारी में मामूली बढ़त दर्ज हुई.अकासा 5.5% और स्पाइसजेट 2% हिस्सेदारी पर पहुंच गई.
एयर इंडिया का लोड फैक्टर घटा
एयर इंडिया समूह का लोड फैक्टर जून के 81.5% से घटकर 78.6% रह गया.यानी एयरलाइन की फ्लाइट्स में सीटें पहले से ज्यादा खाली रह गईं.
अन्य एयरलाइनों पर भी असर
सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि अन्य बड़ी एयरलाइनों का लोड फैक्टर भी जुलाई में कम हुआ.इसका मतलब है कि कुल मिलाकर यात्रियों की संख्या कम रही.
समय पर उड़ान में इंडिगो नंबर वन
देश के छह बड़े एयरपोर्ट्स दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद से इंडिगो ने 91.4% फ्लाइट्स समय पर संचालित कीं.यह सभी एयरलाइनों में सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा.
हवाई सफर पर आगे भी असर संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एयर इंडिया अपने बेड़े की जांच और सुधार जल्दी पूरी कर ले तो यात्री संख्या में फिर बढ़ोतरी हो सकती है.वहीं इंडिगो और अन्य कंपनियां पहले से ही मजबूत स्थिति में हैं.