पहली बार रख रही हैं वट सावित्री व्रत? इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
वट सावित्री व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का बहुत ज्यादा महत्व है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पूजा करती हैं.
पहली बार वट सावित्री व्रत
अगर आप भी पहली बार इस पूजा को करने वाली हैं, तो आज हम आपको कुछ जरूरी नियमों के बारे में बताएंगे, जिसका ध्यान रखना जरूरी है.
बरगद का महत्व
व्रत मुख्य रूप से ज्येष्ठ अमावस्या को रखा जाता है. इस दिन महिलाएं बरगद यानी वट के पेड़ की पूजा करती हैं और कथा सुनती हैं.
पूजा की तैयारी कैसे करें?
अगर आप पहली बार वट सावित्री व्रत रख रही हैं तो सही तरीके से तैयारी करें. इस व्रत को करने का खास नियम है, जिसे फॉलो करना जरूरी है.
पूजा के दिन क्या करें?
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें. फिर नए और साफ कपड़े पहनें. इस दिन लाल या पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है. इस दिन आप अपने सोलह श्रृंगार करें.
पूजा की थाली में क्या रखें?
इसके बाद पूजा की तैयारी करें. पूजा की थाली में धूप-दीपक, रोली-कुमकुम, अक्षत, कच्चा सूत, भीगे चने, फल और मिठाई रखें.
ऐसे करें पूजा
इसके बाद आप पूजा शुरू करें. इसके लिए बरगद के पेड़ की जड़ों में जल अर्पित करें और तिलक लगाएं. पेड़ के तने पर कुमकुम, अक्षत चढ़ाएं.
पेड़ की परिक्रमा
इसके बाद कच्चा सूत लेकर पेड़ की परिक्रमा करें. आप 7 या 12 बार परिक्रमा कर सकती हैं. परिक्रमा के दौरान मन-ही-मन पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करें.
कथा सुनने का महत्व
पूजा के अंत में सूत को पेड़ पर बांध दें और वट वृक्ष को प्रणाम करें. इसके बाद कथा जरूर सुने और दान करें. ऐसा करना शुभ माना गया है.