नवरात्रि स्पेशल: हाट कालिका मंदिर में हर दिन क्यों लगता है मां काली का बिस्तर?
Babli Rautela
03 Apr 2025
हाट कालिका मंदिर
हाट कालिका मंदिर गंगोलीहाट नामक स्थान पर स्थित है, जहां चारों ओर देवदार के वृक्ष इसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं.
मां काली का महत्व
यह मां काली का प्रसिद्ध मंदिर है, जिनकी उत्पत्ति राक्षसों और दैत्यों का नाश करने के लिए हुई थी.
पौराणिक कथा
कहा जाता है कि सुम्या नामक दैत्य ने इस क्षेत्र में उत्पात मचाया और देवताओं को भी हराया था.
शंकराचार्य का योगदान
आदि गुरु शंकराचार्य ने मंत्रों से देवी को प्रसन्न कर मंदिर की दोबारा स्थापना की, जब यह क्षेत्र देवी के प्रकोप से निर्जन हो गया था.
रात्रि विश्राम की प्रथा
मंदिर में पुजारी शाम को बिस्तर लगाते हैं, और सुबह सिलवटें देखकर माना जाता है कि महाकाली रात में वहां विश्राम करती हैं.
भक्तों की मनोकामना
सच्चे मन से आराधना करने वाले भक्तों की हर मनोकामना मां कालिका पूरी करती हैं, ऐसा स्थानीय लोगों का विश्वास है.
चुनरी और घंटी की परंपरा
भक्त चुनरी बांधकर मनोकामना मांगते हैं और पूरी होने पर घंटी चढ़ाते हैं, यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है.
लछैर का कालिका मंदिर
हाट कालिका का एक रूप लछैर में भी स्थापित है, जहां जो लोग गंगोलीहाट नहीं पहुंच सकते, वे दर्शन के लिए जाते हैं.
मंदिर की व्यवस्था
मंदिर समिति ने भक्तों के लिए सभी सुविधाएं और यात्री विश्राम गृह बनवाया है, हालांकि मानसखंड योजना में अभी काम शुरू नहीं हुआ.