क्यों मनाते हैं मुहर्रम, क्या है इमाम हुसैन की शहादत के पीछे की कहानी
क्या है इमाम हुसैन की शहादत के पीछे की कहानी
मुहर्रम इस्लामिक हिजरी कैलेंडर का पहला महीना होता है.
इस्लामिक नववर्ष की शुरुआत
इसी महीने से इस्लामिक नववर्ष की शुरुआत होती है.
होता है चार पवित्र महीनों में एक
इसे इस्लाम के चार पवित्र महीनों में एक माना जाता है.
गम का महीना भी कहा जाता है
लेकिन इसी के साथ मुहर्रम गम का महीना भी कहा जाता है.
युद्ध करना निषिद्ध बताया गया
इस्लामिक धार्मिक मान्यतानुसार इस महीने युद्ध करना निषिद्ध बताया गया है.
अल्लाह की इबादत करने के लिए किया जाता है प्रोत्साहित
मुहर्रम में मुसलमान को अधिक से अधिक अल्लाह की इबादत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी
माना जाता है कि मुहर्रम में ही खुदा के नेक बंदे हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी.
मातम मनाते है मुस्लिम समुदाय के लोग
हजरत इमाम हुसैन इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब के नवासे थे, हुसैन की याद में ही मुहर्रम पर ताजिया उठाया जाता है और मुस्लिम समुदाय के लोग मातम मनाते है.