छठ पूजा में अर्घ्य देने में न करें ये गलतियां, जानें सही विधि


Reepu Kumari
26 Oct 2025

छठ पूजा का महत्व क्या है

    छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित लोक आस्था का पर्व है. इसमें व्रती चार दिन उपवास रखते हैं और सूर्यास्त व सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

अर्घ्य का महत्व क्यों है

    अर्घ्य सूर्य देव को धन्यवाद और आभार व्यक्त करने का प्रतीक है. यह जल और दूध से दिया जाता है, जिससे व्रती प्रकृति और जीवन के संतुलन का संदेश देते हैं.

पहले क्या देना चाहिए – दूध या जल?

    पंडितों के अनुसार सबसे पहले दूध का अर्घ्य देना चाहिए और उसके बाद जल का. यह ठीक वैसे ही है जैसे हम किसी वस्तु को पहले शुद्ध करके फिर स्नान कराते हैं.

एक साथ दूध और जल क्यों नहीं देना चाहिए

    अर्घ्य देते समय दूध और जल को एक साथ मिलाकर नहीं देना चाहिए. ऐसा करने से पूजा की शुद्धता प्रभावित होती है. दोनों अर्घ्य क्रमवार देना ही धार्मिक रूप से सही माना गया है.

अर्घ्य देने का सही तरीका क्या है

    व्रती को स्नान के बाद घाट पर खड़े होकर दोनों हाथों से धीरे-धीरे सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए. सूर्य की ओर मुख करके मन में प्रार्थना करनी चाहिए कि परिवार सुखी रहे.

छठ को प्रकृति का पर्व क्यों कहा जाता है

    छठ पूजा में उपयोग की जाने वाली हर वस्तु प्राकृतिक होती है – जैसे गंगाजल, फल, गुड़, और मिट्टी के दीपक. यही कारण है कि इसे प्रकृति का पर्व कहा जाता है.

शुद्धता का महत्व

    पूरे पर्व में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है. व्रती न केवल भोजन में बल्कि विचारों में भी सात्विकता बनाए रखते हैं.

छठ के गीतों की परंपरा

    दुर्गा पूजा के बाद से ही हर घर में छठ के गीत गूंजने लगते हैं. इन गीतों में श्रद्धा, प्रेम और भक्ति का समावेश होता है, जो इस पर्व को और भावनात्मक बनाते हैं.

बिहार में छठ की विशेषता

    बिहार में छठ पूजा की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि दूर-दराज़ में रहने वाले लोग भी अपने घर लौट आते हैं. इस समय सभी ट्रेनें भरी होती हैं और हर घर में छठ की तैयारी का माहौल रहता है.

Disclaimer

    यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.

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