क्या कुंवारी कन्याएं कर सकती हैं छठ व्रत?


Reepu Kumari
22 Oct 2025

छठ व्रत की महत्ता

    छठ पूजा 4 दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें सूर्य देव और छठी मैया की उपासना की जाती है. यह व्रत स्वास्थ्य, शुद्धता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है.

कौन कर सकता है छठ व्रत

    विवाहित महिलाएं, विधवा महिलाएं और विवाहित पुरुष या जनेऊ संस्कार प्राप्त पुरुष इस व्रत को कर सकते हैं. शास्त्रों के अनुसार यह व्रत केवल योग्य व्यक्तियों के लिए है.

क्या कुंवारी कन्याएं कर सकती हैं?

    कुंवारी लड़कियों को छठ व्रत नहीं करना चाहिए. इसके पीछे पौराणिक कथा है कि कुंती ने कुंवारी अवस्था में सूर्य देव की उपासना की और मां बन गई थीं. इसलिए कुंवारी कन्याओं के लिए व्रत वर्जित है.

व्रत का कठिन निर्जला उपवास

    छठ व्रत में 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखा जाता है. इस समय व्रती केवल जल ग्रहण कर सकते हैं और खाने-पीने से परहेज़ करते हैं.

सफाई और प्रसाद का महत्व

    व्रती को प्रसाद बनाते समय हाथों की सफाई और स्थान की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. प्रसाद में केले का होना आवश्यक है.

प्रसाद तैयार करने की विशेष जगह

    प्रसाद को रसोई में नहीं बल्कि किसी साफ-सुथरी जगह पर तैयार करना चाहिए. इससे व्रत का पवित्रता और धार्मिक महत्व बना रहता है.

विशेष नियम व्रतियों के लिए

    व्रती फर्श पर चादर बिछाकर सोते हैं, बिस्तर पर नहीं. यह शुद्धता और संयम का प्रतीक है.

व्रत का आध्यात्मिक लाभ

    छठ व्रत करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और परिवार में सुख-समृद्धि आती है. यह व्रत व्यक्ति को धैर्य और अनुशासन सिखाता है.

Disclaimer

    यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.

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