मणिपुर के इस 500 साल पुराने मार्केट में पुरुषों की नो एंट्री! आधी रात तक दुकान चलाती हैं हजारों महिलाएं
मणिपुर को लेकर हिंसा और तनाव की खबरें सामने आती हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि राज्य की राजधानी इंफाल में एक अनोखा मार्केट हैं जहां सैकड़ों सालों से महिलाएं दुकान चलाती आ रही हैं. अगर नहीं पता तो आज हम आपको इस खास मार्केट के बारे में बताएंगे.
मणिपुर में पिछले कुछ सालों से हिंसा और अशांति की कई खबरें सामने आई हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि राजधानी इंफाल में एक ऐसा मार्केट है जो पूरी दुनिया में जाना जाता है. इस मार्केट की खासियत यह है कि यहां केवल महिलाएं ही दुकान चलाती हैं.
जानकारी के मुताबिक यहां लगभग पांच हजार महिलाएं मिलकर दुकान चलाती हैं. इस मार्केट में सब्जी, मछली, मसाले, कपड़े, हस्तशिल्प, ज्वेलरी और घरेलू सामान बेचे जाते हैं. यहां महिलाएं सुबह से लेकर आधी रात तक सामान बेचती हैं. आइए जानते हैं कैसे शुरू हुआ था यह मार्केट.
क्या है बाजार का इतिहास?
इस बाजार का नाम इमा कीथल है. स्थानीय भाषा में इसे इमा भी कहा जाता है, जिसका अर्थ मां होता है. इस बाजार को एशिया का सबसे बड़ा महिला संचालित बाजार कहा जाता है. मणिपुर सरकार और ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक इस बाजार की शुरुआत 500 साल पहले, 16वीं शताब्दी में हुई थी. इस दौरान मणिपुर में राजा खागेम्बा का राज हुआ करता था.
आज भी लल्लूप-कबा प्रथा लागू?
उस काल में लल्लूप-कबा प्रथा प्रचलित थी, जिसमें पुरुषों को सेना में भर्ती होने या मजदूरी के लिए भेजा जाता था. वहीं महिलाएं व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को संभालती थीं. धीरे-धीरे इस बाजार पर महिलाओं का पूरा नियंत्रण हो गया. यहां पर अभी के समय में लगभग 5 हजार मिलाएं दुकान चलाती हैं और बाजार का पूरा प्रबंधन भी करती हैं. यहां ऐसी कई दुकानें हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती आ रही हैं. मां इसकी जिम्मेदारी अपनी बेटी को सौंप देती हैं या फिर अपने घर की दूसरी महिलाओं को दे देती हैं.
ऑनलाइन युग में बढ़ती परेशानी
इमा कीथल आज के समय में एक पर्यटन स्थल तो है ही, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. यह बाजार स्थानीय किसानों, मछुआरों और हैंडीक्राफ्ट कारीगरों के लिए प्रमुख व्यापार केंद्र है. यहां की महिलाएं न केवल व्यापार में बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी काफी एक्टिव रहती हैं. हालांकि अभी के समय में ऑनलाइन व्यापार के कारण इन महिलाओं की चुनौतियां बढ़ गई हैं, लेकिन फिर भी ये महिलाएं अपनी सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक योगदान को बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत करती हैं.
और पढ़ें
- IND vs AFG Day 2 Live Score: 564 रनों पर गिल ने की पारी घोषित, भारत के धुरंधरों ने जड़ा 2 शतक और 3 अर्धशतक
- पुलिस के डर से साड़ियों के बंडलों में छुप गए TMC नेता, फिर भी गिरफ्तारी से नहीं मिली राहत; देखें वीडियो
- इंटरनेट बंद... एक्शन कमेटी पर भी बैन, PoK में बढ़ा तनाव; बौखलाए पाकिस्तान ने हड़ताल से पहले ही सड़कों पर उतारा फौज