VIDEO: तीस्ता में बह गया नन्हा हाथी, मछुआरों ने बचाई जान; वायरल वीडियो में देखें कैसे मां से मिलते ही छलकी खुशी

तीस्ता नदी में बहकर अपनी मां से अलग हुए एक नवजात हाथी के बच्चे को स्थानीय मछुआरों और बैकुंठपुर वन प्रभाग के अधिकारियों ने मिलकर सुरक्षित बचाया. रेस्क्यू के बाद बच्चे को उसकी मां से मिला दिया गया.

@supriyasahuias X Account
Km Jaya

पश्चिम बंगाल की तीस्ता नदी में बहकर अपनी मां से अलग हुए एक नवजात हाथी के बच्चे को स्थानीय मछुआरों और वन विभाग की टीम ने सुरक्षित बचा लिया. रेस्क्यू के बाद जब हाथी के बच्चे को उसकी मां से मिलाया गया तो यह पूरा पल बेहद भावुक कर देने वाला था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे IAS अधिकारी सुप्रिया साहू ने X पर शेयर किया.

वीडियो में देखा जा सकता है कि नदी के तेज बहाव में बहने के बाद हाथी का बच्चा असहाय स्थिति में था. उसे सुरक्षित निकालने के लिए स्थानीय मछुआरों और बैकुंठपुर वन प्रभाग के अधिकारियों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. समय रहते की गई कोशिशों के बाद बच्चे को नदी से बाहर निकाला गया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.


मछुआरों और वन विभाग ने मिलकर बचाई जान

IAS अधिकारी सुप्रिया साहू ने रेस्क्यू में शामिल स्थानीय मछुआरों और वन विभाग के अधिकारियों की तारीफ की. उन्होंने बताया कि मछुआरों की हिम्मत, संवेदनशीलता और तुरंत फैसला लेने की क्षमता के साथ बैकुंठपुर वन प्रभाग की तेजी से की गई कार्रवाई ने हाथी के बच्चे को बचाने में अहम भूमिका निभाई.

हाथी का बच्चा नदी में बहने के बाद अपने झुंड और मां से अलग हो गया था. ऐसे में उसके लिए समय पर मदद मिलना बेहद जरूरी था. स्थानीय लोगों और वन विभाग की टीम ने मिलकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

मां से मिलते ही पूरा हुआ रेस्क्यू

रेस्क्यू ऑपरेशन का सबसे भावुक पल तब आया, जब नवजात हाथी को उसकी मां के पास वापस पहुंचाया गया. बच्चे के नदी में बह जाने के बाद उसकी मां बेचैनी से उसका इंतजार कर रही थी. रेस्क्यू टीम की कोशिशों के बाद मां और बच्चे का दोबारा मिलन हो गया.

सुप्रिया साहू की पोस्ट के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है. यूजर्स ने मछुआरों और वन विभाग की टीम की तत्परता की सराहना की. कई लोगों ने मां और बच्चे के मिलन को बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला पल बताया.

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने इसे इंसानियत की खूबसूरत मिसाल बताया. वहीं, दूसरे यूजर्स ने मछुआरों और वन अधिकारियों के साहस की तारीफ की. लोगों ने कहा कि अगर समय पर रेस्क्यू नहीं किया जाता तो नवजात हाथी की जान खतरे में पड़ सकती थी.

तीस्ता नदी में हुए इस रेस्क्यू ने एक बार फिर दिखाया कि इंसानों की संवेदनशीलता और वन विभाग की तत्परता मिलकर वन्यजीवों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. सबसे खास बात यह रही कि रेस्क्यू के बाद नवजात हाथी अपनी मां के पास लौट सका.