बंदर की ममता देखकर हो जाएंगे भावुक, पिल्ले को पेड़ पर ले जाकर ऐसे किया प्यार
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का यह वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जिसमें एक बंदर ने पिल्ले को गोद में उठाकर पेड़ पर चढ़ाया. इस घटना ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा.
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें एक बंदर एक छोटे पिल्ले को अपनी बाहों में उठाकर पेड़ पर चढ़ जाता है. यह घटना मंडी के रेवालसर इलाके में घटी. जहां स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदर ने सड़क किनारे से एक आवारा कुत्ते के बच्चे को उठाकर पेड़ पर चढ़ गया और उसे अपने बच्चे की तरह प्यार करने लगा. इस घटना ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. अब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
कहां और कैसे हुई यह घटना?
यह घटना मंडी जिले के रेवालसर इलाके में हुई. बताया जा रहा है कि बंदर ने सड़क के किनारे बैठे एक आवारा पिल्ले को उठाया और करीब बीस फुट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया. आसपास खड़े लोग यह देखकर घबरा गए और उन्हें डर सता रहा था कि बंदर पिल्ले को नीचे न गिरा दे. देखते ही देखते वहां काफी भीड़ जमा हो गई.
लेकिन उसके बाद जो हुआ वह सबके लिए अचरज भरा रहा. बंदर ने पिल्ले को गिराया नहीं, बल्कि उसे अपने बच्चे की तरह सीने से लगाए रखा. लोगों ने देखा कि बंदर पिल्ले को सहला रहा था और उसकी देखभाल कर रहा था. यह नजारा किसी फिल्म से कम नहीं था.
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15 मिनट तक पेड़ पर रहा बंदर
वहां मौजूद लोगों के अनुसार बंदर करीब दस से पंद्रह मिनट तक पेड़ पर बैठा रहा और इस दौरान पिल्ला पूरी तरह उसकी पकड़ में सुरक्षित था. बंदर ने पिल्ले के साथ वैसा ही व्यवहार किया जैसा एक मां अपने नवजात के साथ करती है. कुछ समय बाद बंदर धीरे-धीरे नीचे उतरा और पिल्ले को जमीन पर सुरक्षित छोड़ दिया.
पिल्ले को किसी भी तरह की चोट नहीं आई और वह बिल्कुल ठीक था. स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली जब उन्होंने पिल्ले को सुरक्षित देखा.
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है. लोगों ने इसे जीव प्रेम की एक अनोखी मिसाल बताया. कई लोगों ने लिखा कि इंसान भले ही नफरत फैलाएं, लेकिन जानवर भी प्यार करना जानते हैं.
बच्चों के लिए बनी खतरा
वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने चिंता भी जताई. उनका कहना है कि अगर बंदर इस तरह छोटे जानवरों को उठा सकते हैं तो वे छोटे बच्चों को भी उठा सकते हैं. इलाके में छोटे बच्चों को बंदरों से दूर रखने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन से भी मांग उठ रही है कि बंदरों की बढ़ती संख्या पर ध्यान दिया जाए.