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सेक्स क्लब में एक्स को देखते ही भड़का शख्स, बेरहमी से काटा गला! कोर्ट में बताई ऐसा करने की वजह

जर्मनी में एक शख्स ने अपने एक्स पार्टनर पर चाकू से हमला कर दिया. यह हमला एक सेक्स क्लब में दोनों के मिलने के बाद हुआ. आरोपी ने कोर्ट में अपना जुर्म कुबूल किया है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: जर्मनी में एक शख्स ने एक सेक्स क्लब में अपने पूर्व पार्टनर पर पॉकेट नाइफ से हमला कर दिया. यह घटना लीपजिंग शहर में 'कुक्स' नाम के एक ऐसे बार में हुई जहां सिर्फ मर्द ही जा सकते हैं. बार के अंदर एक डार्क रूम है जहां लोग बिना अपनी पहचान बताए एक-दूसरे से मिल सकते हैं. कोर्ट के मुताबिक हमले वाली रात ये दोनों पुरुष इसी जगह पर मौजूद थे.

पीछे से आकर चुपचाप काट दिया गला

जानकारी के अनुसार पीड़ित पेशे से एक टीचर है और मीडिया में उसे पीटर एल के नाम से बुलाया जा रहा है. उसने बताया कि जब वह एक सेक्शुअल एनकाउंटर खत्म कर कपड़े पहन रहा था तब अचानक उसे महसूस हुआ कि कोई उसके पीछे आया है. शुरू में उसे यह एहसास नहीं हुआ कि उस पर चाकू से हमला किया गया है.

उसने बताया कि उसे सिर्फ अपने गले पर दबाव महसूस हुआ और उसे समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है. बाद में यह साफ हुआ कि उसके पूर्व पार्टनर रिचर्ड सी ने पॉकेट नाइफ से उसकी गर्दन काट दी थी.

चांद के आकार का लगाया कट

सरकारी वकील मोरिट्ज डिकमैन ने कोर्ट को बताया कि कट चांद के आकार का था और ऐसा लग रहा था कि उसे जान से मारने की कोशिश की गई थी. कोर्ट को यह भी बताया गया कि हमले से लगभग 30 मिनट पहले उसी रात दोनों ने एक-दूसरे को देखा था. पहले हमले के बाद हालात और भी ज्यादा सीरियस हो गए.

सरकारी पक्ष का दावा है कि हमलावर ने दोबारा हमला किया और बिना किसी चेतावनी के पीड़ित के पेट में चाकू घोंप दिया. इसके बाद तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को बुलाया गया और पीड़ित को मेडिकल मदद दी गई. आरोपी रिचर्ड सी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और तब से वह पुलिस हिरासत में है.

आरोपी ने कुबूल किया जुर्म

कोर्ट की सुनवाई के दौरान रिचर्ड सी ने यह बात मानी कि हमला उसी ने किया था. हालांकि अपने वकील के जरिए उसने कहा कि वह निजी तौर पर एक मुश्किल दौर से गुजर रहा था. उसने यह भी दावा किया कि 2022 में बर्लिन में पीड़ित ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ रेप किया था, लेकिन इस आरोप की पहले ही जांच हो चुकी थी और बाद में इसे खारिज कर दिया गया था. यह मामला अभी भी चल रहा है और कोर्ट अंतिम फैसला सुनाने से पहले सबूतों की जांच करना और दोनों पक्षों की बात सुनना जारी रखेगा.