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वायरल बंदर 'पंच' ने आसमान पर पहुंचा दी ओरंगुटान खिलौने की कीमत, eBay पर इतने हजार में मिल रहा टॉय

इस खिलौने को IKEA कंपनी ने बताया है. वैसे तो इस खिलौने की कीमत करीब 1650 रुपए थी लेकिन इसकी जबरदस्त डिमांड के कारण कंपनी के पास इसका स्टॉक ही खत्म हो गया है जिसके इसकी रीसेल कीमतों में भारी उछाल आया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
वायरल बंदर 'पंच' ने आसमान पर पहुंचा दी ओरंगुटान खिलौने की कीमत, eBay पर इतने हजार में मिल रहा टॉय
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एक जापानी बंदर पंच और ओरंगुटान नाम के खिलौने की कहानी ने पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है. इस नन्हें बंदर पंच ने इस ओरंगुटान नाम के खिलौने को इतना प्रसिद्ध कर दिया कि अब यह ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है.

बड़ी ही दिलचस्प है पंच की कहानी

दरअसल, पंच का जन्म पिछले साल जापान के इचिकावा सिटी चिड़ियाघर (Ichikawa City Zoo) में हुआ था, जन्म के बाद उसकी मां ने उसे छोड़ दिया. बेचारे अकेले पंच को चिड़ियाघर के अन्य बंदर परेशान करने लगे. ऐसे में ओरा-मामा नाम का वह मुलायम खिलौना ही उसके जीने का सहारा बना. धीरे-धीरे पंच ने उसी खिलौने को अपना सब कुछ मान लिया. उसे ऐसा लगा जैसे ओरा-मामा ही उसकी मां है. वह उसी को लेकर सोता, उसी के साथ बैठता, उसी के साथ खेला और इसी तरह जू का यह नन्हा बंदर पंच सबकी नजरों में आ गया. सोशल मीडिया पर उसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. ओरा-मामा के बाल लंबे है जिसकी वजह से पंज उसे आसानी से पकड़ पाता है और उसे पूरे चिड़ियाघर में घसीटता फिरता है.

क्या बोले जूकीपर

जू की देखभाल करने वाले कोसुके सिकानो ने बताया कि हमने सोचा कि पंच इस खिलौने की ही तरह दिखता है और इसलिए हो सकता है कि यह इसकी मदद से अपने झुंड में वापस आ जाए. इसलिए हमने उसे यह खिलौना दिया था.

खिलौने को ऊंचे दामों पर बेच रही कंपनी

इस खिलौने को IKEA कंपनी ने बताया है. वैसे तो इस खिलौने की कीमत करीब 1650 रुपए थी लेकिन इसकी जबरदस्त डिमांड के कारण कंपनी के पास इसका स्टॉक ही खत्म हो गया है जिसके इसकी रीसेल कीमतों में भारी उछाल आया है.

29000 रुपए में बेचा जा रहा खिलौना

एक रिपोर्ट के अनुसार, ईबे पर यह खिलौना 8300 से 29000 रुपए के बीच बेचा जा रहा है. इस खिलौने का छोटा एडिशन जो 8 इंच का है वो भी कंपनी की वेबसाइट पर पूरी तरह बिक चुका है. खिलौने की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने अब फिर से इसके स्टॉक को भरने का विचार किया है.

पिछले हफ्ते कंपनी के अध्यक्ष इचिकावा सिटी चिड़ियाघर गए थे और उन्होंने पंच के लिए ऐसे ही अन्य खिलौने दान किये थे. अन्य बंदरों द्वारा जू को बुली करने के सवाल पर जूकीपर्स ने कहा कि यह उसकी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है और वह धीरे-धीरे अपने झुंड में मिल रहा है. सिकानों ने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा जब पंच को इस खिलौने की जरूरत नहीं रहेगी.