'इतना खास क्या है इसमें?' एफिल टावर देख निराश हुई भारतीय महिला, सोशल मीडिया पर छिड़ी जोरदार बहस
सोशल मीडिया पर भारतीय महिला का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पेरिस का एफिल टावर देखकर बेहद निराश दिख रही हैं. करीब 7,000 किलोमीटर की यात्रा तय करने के बाद वह पेरिस पहुंची थी इस महिला को एफिल टावर कुछ खास आकर्षित नहीं लगा.
नई दिल्ली: दुनिया भर के यात्रियों के लिए एफिल टावर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सपनों और रोमांस का प्रतीक माना जाता है. दुनिया में हर कोई एक बार तो एफिल टावर जाने का सपना रखता ही है, क्योंकि एफिल टावर को फिल्मों-गानों और भी कई माध्यम से हमारे बीच ऐसे प्रदर्शित किया गया है कि आम लोग उसे बेहद खास और रोमांटिक मानते हैं. लेकिन हर बार हकीकत उम्मीदों जैसी नहीं होती. हाल ही में एक भारतीय महिला के अनुभव ने इसी धारणा को चुनौती दी, जब उन्होंने पेरिस पहुंचकर इस मशहूर टावर को देखने के बाद अपनी निराशा सोशल मीडिया पर खुलकर जाहिर की.
उनका यह नजरिया अब सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन चुका है. करीब 7,000 किलोमीटर की यात्रा तय कर पेरिस पहुंचीं अंकिता नाम की महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया. इस वीडियो में उन्होंने एफिल टावर को देखने की अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा किया. उन्होंने कहा कि जितना इसे लेकर हाइप बनाई गई है ये उतना एस्थेटिक नहीं है.
निराश हुई अंकिता
सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में अंकिता नाम की भारतीय महिला एफिल टावर को देखने के बाद काफी निराश रहीं. उन्होंने बताया कि बाकी आम लोगों की तरह उनके दिमाग में भी एफिल टावर को लेकर एक अलग ही छवि बनी हुई थी. इस कारण वह उसे देखने पहुंची. लेकिन वहां पहुंचने के बाद वह निराश रहीं.
उनका कहना था कि टावर को देखकर उन्हें वैसी फिलिंग नहीं आई, जैसी वो उम्मीद कर रही थीं. उन्होंने सवाल भी उठाया कि आखिर इसमें ऐसी क्या खास बात है, जो इसे इतना प्रसिद्ध बनाती है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है. इस पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ यूजर्स ने महिला की बात का समर्थन किया और कहा कि सोशल मीडिया अक्सर जगहों को जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस दिखाया जाता है लेकिन वास्तव में वह वैसा नहीं होता है.
वहीं, कई लोगों ने इसका विरोध भी किया है. उनका मानना है कि पेरिस की खूबसूरती सिर्फ एफिल टावर तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां की संस्कृति, गलियों और माहौल में भी बसती है. कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि किसी भी शहर को समझने के लिए उसके अलग-अलग पहलुओं को देखना जरूरी होता है.