मिडिल ईस्ट में तबाही शुरू! न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं 'ऑपरेशन खामेनेई' था इजरायल और अमेरिका का टारगेट?

अमेरिका और ईरान के बीच हमेशा न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर चर्चा होती रही. लेकिन इन चर्चों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अपनी जान गंवानी पड़ी. ऐसे में यह सवाल सब के मन में है कि अगर बात सिर्फ न्यूक्लियर प्रोग्राम की थी तो अमेरिका ने खामेनेई को क्यों मारा और मरने पर इतना जश्न क्यों मना रहा है.

Shanu Sharma

ईरान और इजरायल के बीच आज से नहीं बल्कि सालों से न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर विवाद है. अमेरिका भी ईरान के इस प्रोग्राम के खिलाफ था. पूरी दुनिया यह समझ रही थी कि अमेरिका और इजरायल मिल कर ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमला करेगा, लेकिन दोनों देशों ने ऑपरेशन खामेनेई का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया.

इजरायल की खूफिया एजेंसियों का मानना है कि अगर ईरान परमाणु बम से परिपूर्ण हो गया तो मिडिल ईस्ट में इजरायल के अस्तित्व को चुनौती देगा. इस पूरे मामले को और भी ज्यादा बेहतर तरीके से समझने के लिए आप इंडिया डेली के इस वीडियो को देख सकते हैं.