ईरान का कतर-जॉर्डन पर मिसाइल हमला: Hormuz में अमेरिकी बेड़ा खतरे में, Trump-Netanyahu की अंतिम घड़ी?
ईरान के मिसाइल हमलों के बाद कतर, जॉर्डन और होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में तनाव बढ़ने की चर्चा तेज है. यहां समझिए कि होर्मुज स्ट्रेट रणनीतिक रूप से इतना अहम क्यों है.
नई दिल्ली: ईरान के मिसाइल हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है. कतर और जॉर्डन तक असर की चर्चा के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी दुनिया की नजर टिक गई है. यह समुद्री रास्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. ऐसे में यहां बढ़ता सैन्य तनाव सिर्फ अमेरिका, ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
इस एक्सप्लेनर में समझेंगे कि होर्मुज स्ट्रेट अचानक इतना बड़ा रणनीतिक मोर्चा क्यों बन गया है. ईरान के मिसाइल हमलों से अमेरिका और इजरायल की रणनीति पर कितना दबाव बन सकता है और डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के सामने कौन-सी चुनौतियां खड़ी हैं. साथ ही जानेंगे कि अगर तनाव और बढ़ता है, तो पश्चिम एशिया की सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर इसका क्या असर पड़ सकता है.