New Criminal Law : सुप्रीम कोर्ट के वकील ने समझाए नए क्रिमिनल लॉ के नुकसान, आप भी समझें
New Criminal Law : भारत ने 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के साथ अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ली; भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की जगह ली, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली.
New Criminal Law : भारत ने 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के साथ अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह ली; भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की जगह ली, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली.
तीनों कानून दिसंबर 2023 में संसद में पारित किए गए. तीनों नए कानून सजा के बजाय न्याय पर ध्यान केंद्रित करते हैं और इनका उद्देश्य जल्दी न्याय प्रदान करना, न्यायिक और न्यायालय प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना और "सभी के लिए न्याय तक पहुँच" पर जोर देना है. हालांकि इन नियमों के कुछ नुकसान भी हैं जिनके बारे में सुप्रीम कोर्ट के वकील आकाश सक्सेना ने इंडिया डेली लाइव को दिए गए इंटरव्यू में बताया.