Baba Ramdev in Supreme Court: इतने भोले न बनो बाबा! सुप्रीम कोर्ट में रामदेव का कबूलनामा

Patanjali Ads Case: पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन को लेकर योगगुरु रामदेव के खिलाफ अदालत ने नादान और मासूम जैसी शब्दावलियों का इस्तेमाल किया. वो इसलिए कि बाबा ने अदालत को बताय कि कानून कम जानते हैं. अनभिज्ञ हैं कानूनी धाराओं से और भोले हैं.

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Patanjali Ads Case: पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण आज फिर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. इश दौरान कोर्ट ने एक बार फिर से रामदेव को फटकार लगाई और बुरी तरह डांटा. लगातार गलती मान रहे रामदेव ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनसे उत्साह में गलती हो गई और अब वह दोबारा कभी ऐसा नहीं करेंगे.

रामदेव के खिलाफ अदालत ने नादान और मासूम जैसी शब्दावलियों का इस्तेमाल किया. वो इसलिए कि बाबा ने अदालत को बताया कि कानून कम जानते हैं. अनभिज्ञ हैं कानूनी धाराओं से और भोले हैं. रामदेव ने यह भी कहा कि वह सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को भी तैयार हैं. 

इस पूरे मामले में अब सुप्रीम कोर्ट 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा. जस्टिस कोहली ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 23 तारीख को होगी. आपको जो कहना है, तब कहिए. जस्टिस अमानुल्लाह ने रामदेव को कहा, 'पर्सनालिटी अहम नहीं हैं. आप सिस्टम का हिस्सा हैं, मैं और आप समझते हैं.'