Haryana Politics : मोदी के 'पक्के दोस्त' Khattar कैसे बने CM ! दिलचस्प है सियासी सफर

Haryana Politics: 90 के दशक के दौरान जब मनोहर लाल खट्टर संघ और पार्टी के संगठन में काम करते थे तो नायब सैनी उनकी कार चलाते थे. वो हमेशा खट्टर के आसपास रहते थे. उन्होंने मनोहर लाल खट्टर के नोट्स तक ढोए हैं. RSS का अतीत मनोहर लाल खट्टर को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने में सीढ़ी साबित हुआ है.

Priyank Bajpai


Haryana Politics: बीते दिनों पीएम मोदी का बयान आपने सुना होगा. ये आपको उनके और मनोहर लाल खट्टर से करीबी बताने के लिए काफी है. एक हालिया जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने ये जाहिर किया था कि एक जमाने में खट्टर मोटरसाइकिल चलाते थे, और वो पीछे बैठते थे. जमीन पर एक ही चटाई बिछाकर दोनों सोए भी हैं यानि कि दोनों के बीच तगड़ा याराना रहा है. इस तारीफ के महज 24 घंटे बाद खट्टर की मुख्यमंत्री की कुर्सी चली गई. फिलहाल. हरियाणा में खट्टर युग खत्म हो चुका है और राज्य की कमान 54 साल के नायब सैनी के पास है.

90 के दशक के दौरान जब मनोहर लाल खट्टर संघ और पार्टी के संगठन में काम करते थे तो नायब सैनी उनकी कार चलाते थे. वो हमेशा खट्टर के आसपास रहते थे. उन्होंने मनोहर लाल खट्टर के नोट्स तक ढोए हैं. RSS का अतीत मनोहर लाल खट्टर को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने में सीढ़ी साबित हुआ है. मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के दसवें मुख्यमंत्री थे. आरएसएस के प्रचारक रहे मनोहर लाल खट्टर ने साल 2014 में पहली दफे चुनाव जीता. हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा की सरकार के वक्त हुए चुनाव में खट्टर ने करनाल में करिश्मा कर दिखाया. 

उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह नारवाल को 63,736 वोटों के भारी अंतर से हराकर 2014 के चुनावों में अपना पहला चुनाव जीता. मनोहर लाल खट्टर को संघ की सेवा का फल भी मिला कि जिस चेहरे से लोग 2014 के विधानसभा चुनाव तक अंजान थे उसी चेहरे ने पहली दफे चुनाव जीतकर ही मुख्यमंत्री पद का ताज भी पहना.