पेपर लीक करने वालों की अब खैर नहीं! 10 साल की जेल और 10 करोड़ जुर्माने वाला कानून मंजूर
परीक्षा में पेपर लीक और संगठित नकल पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नए संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें कड़ी सजा, भारी जुर्माना और त्वरित सुनवाई का प्रावधान किया गया है.
देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नए संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की कैद और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए प्रावधानों का उद्देश्य संगठित पेपर लीक गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करना और भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
नए कानून में क्या होंगे प्रमुख प्रावधान?
मंजूर किए गए मसौदा विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों के लिए कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं.
इनमें प्रमुख रूप से—
- दोषियों को अधिकतम 10 साल तक की कैद.
- 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना.
- मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को वैधानिक समर्थन.
- जांच और मुकदमे की प्रक्रिया पांच महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य.