Arvind Kejriwal: IT कमिश्नर केजरीवाल को Anna कहां मिले? उनसे जुड़े दिलचस्प किस्से!
Arvind Kejriwal: साल 2011 में अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर जन लोकपाल विधेयक को लागू करने की मांग करते हुए इंडिया अगेंस्ट करप्शन ग्रुप यानि कि IAC का गठन किया. उन्होंने 2 अक्टूबर 2012 को अपने राजनीतिक दल का गठन किया. 24 नवंबर 2012 को आम आदमी पार्टी बनाई गई और उन्होंने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते.
Arvind Kejriwal: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च की रात ED ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार करने से पहले ED ने केजरीवाल से 2 घंटे पूछताछ की थी.16 अगस्त 1968 को हरियाणा के सिवानी जिले के खेड़ा गांव में हुए. 1985 में IIT-JEE परीक्षा पास की और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में IIT खड़गपुर से ग्रेजुएशन किया. 1989 में कॉलेज से निकलने के बाद करीब 3 साल टाटा स्टील में नौकरी भी की.
साल 1992 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए नौकरी से रिजाइन कर दिया. 1995 में UPSC एग्जाम पास किया. उनका सिलेक्शन इंडियन रेवेन्यू सर्विस यानि कि IRS में हुआ. दो साल बाद साल 2002 में अरविंद केजरीवाल ऑफिस आए, लेकिन एक साल तक उनका अपॉइंटमेंट नहीं किया गया. हालांकि इस दौरान उन्हें सैलरी मिलती रही. इसलिए केजरीवाल ने 18 महीने की बिना वेतन छुट्टी यानि कि लीव विदाउट पे के लिए अप्लाय किया, जो उन्हें दे दी गई.
2006 में अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली में जॉइंट इनकम टैक्स कमिश्नर के पद से इस्तीफा दे दिया. साल 2011 में अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर जन लोकपाल विधेयक को लागू करने की मांग करते हुए इंडिया अगेंस्ट करप्शन ग्रुप यानि कि IAC का गठन किया. जन लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर 16 अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे भूख हड़ताल पर बैठ गए. ये आंदोलन 28 अगस्त तक चला.
उन्होंने 2 अक्टूबर 2012 को अपने राजनीतिक दल का गठन किया. 24 नवंबर 2012 को आम आदमी पार्टी बनाई गई. 2013 में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा और अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस की पूर्व CM शीला दीक्षित को हरा दिया. इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था, लेकिन कांग्रेस ने सरकार में शामिल न होकर बाहर से समर्थन किया, जिसके दम पर अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर बैठे. फिर साल 2015 और 2020 विधानसभा में AAP ने बड़ी जीत दर्ज की.